बीमारी के बाद बढ़ाएं इम्यूनिटी

 
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बीमारी में और बीमारी के बाद शरीर में कमजोरी आना तो नेचुरल है पर इस कमजोरी का इलाज पौष्टिक आहार का सेवन ही है उसके साथ उचित व्यायाम करना। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार इम्युनिटी बढ़ाने के लिए खाने में ताजे फल, दालें, बींस, गेहूं, आलू, चावल, मक्का,एवाकाडो, हरी सब्जियां,शकरकंद आदि को अपने आहार का नियमित अंग बनाएं। इनके सेवन से शरीर को उपयुक्त रेशा,प्रोटीन, विटमिंस,खनिज और एंटी आक्सीडेंटस मिलते हैं।
शरीर को हाइडेंट रखने के लिए पानी का पर्याप्त सेवन करें। इसके अतिरिक्त मछली,नट्स,आलिव ऑयल, सोया, सूरजमुखी और कार्न ऑयल को अपने खाने में शामिल करें। खाना ताजा गर्म ही खाएं, फ्रिज की ठंडी चीजों का सेवन न करें। हल्के और पोषण युक्त खाद्य पदार्थ ही शरीर को स्वस्थ रखते हैं क्योंकि इन्हें पचाना भी आसान होता है। मेवों का सेवन गर्मियों में करने से पहले रात्रि में उन्हें धोकर भिगो दें। इनके सेवन से शरीर अंदर से मजबूत बनता है।
क्या न खाएं:-
पैक्ड फूड शरीर को अस्वस्थ बनाता है क्योंकि इनमें सेाडियम और प्रिजर्वेटिव्स की मात्र अधिक होती है जो हमारे इम्यून सिस्टम को और कमजोर बनाती है जिससे हमारा ठीक होने का समय लंबा हो जाता है। अधिक तेल और मसालेदार भोजन से भी परहेज करें। फॉस्ट फूड, फ्रोजन फूड, पिज्जा,बर्गर, फ्राइड फूड से बचें। ये सब खाद्य पदार्थ हमारी परेशानियों को बढ़ाते हैं। कोल्ड ड्रिंक्स और कैफीन के सेवन को बहुत सीमित रखें ताकि शरीर को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।
व्यायाम भी सुधारता है हमारी इम्युनिटी को:-
बीमारी से ठीक होने के बाद भारी भरकम व्यायाम न करें। सैर से प्रारंभ करें धीरे धीरे हल्के फुल्के व्यायाम करें। जब खुद को स्वस्थ महसूस करें उसी अनुसार अपने व्यायाम बढ़ाएं। समय पर सोएं, समय पर उठें ताकि आप शारीरिक और मानसिक रूप से तंदुरूस्त बने रहें।
प्रात: जल्दी उठ छत पर जाएं या बालकनी में बैठ कर प्रकृति को निहारें ताकि पॉजिटिव बने रह सकें अपने इम्यून सिस्टम को सुधारने के लिए योग, प्राणायाम को नियमित करें। हल्का बुखार ,शरीर के किसी अंग में तेज दर्द होने पर व्यायाम से बचें। इसके अतिरिक्त कफ, छाती में दर्द, असामान्य धड़कन,सांस लेने में समस्या महसूस होने पर भी बिना डाक्टर की सलाह के व्यायाम न करें।
गैजट्स का प्रयोग सीमित करें। टीवी, मोबाइल,कंप्यूटर से दूरी बना कर रखें। बहुत कम समय इन्हें दें। डाक्टर द्वारा प्रीस्कराइब दवाइयां लेते रहें और स्वयं को हाइडेंट रखें ताकि इम्यून सिस्टम स्ट्रांग बन सके।
- नीतू गुप्ता

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