संगीत चिकित्सा भी दर्द में होती है चमत्कार !

 
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क्लीवलैंड में की गयी एक खोज के अनुसार यह पाया गया है कि धीमा व सुरीला संगीत सुनने से आप राहत अनुभव करते हैं और इससे ऑपरेशन के बाद दर्द कम महसूस होता है। यह खोज लगभग 5०० लोगों पर की गयी। इन लोगों के भिन्न-भिन्न तरह के पेट के ऑपरेशन किये गये थे।
जिन लोगों पर यह खोज की गई, उनकी उम्र 17 साल से 7० साल तक थी। इनको ऑपरेशन के बाद लगातार संगीत चिकित्सा पर रखा गया। एक तरफ इन लोगों को आजमाया गया और दूसरी ओर उन लोगों को जिनको सामान्य तौर पर इलाज व दवाइयां दी जाती हैं।
इस दौरान पाया गया कि जो लोग सामान्य तौर-तरीके की दवाइयों पर थे, उन्हें दर्द ज्यादा दिन तक महसूस हुआ और जो लोग संगीत चिकित्सा तथा दवाइयों पर थे, वे जल्दी ठीक होने लगे क्योंकि उनको दर्द कम महसूस हुआ।
एक तरफ हम कहते हैं कि आवाजों से और ध्वनि प्रदूषण से हमें नुकसान पहुंचता है तो दूसरी ओर यह पाया गया कि संगीत से ही लोगों का हर तरह से इलाज किया जा रहा है। यही नहीं, यह भी सच है कि संगीत से आप फूल पौधों को भी स्वस्थ कर सकते हैं। यह जरूरी है कि जो संगीत आप बीमारों को सुना रहे हैं, उनकी धुनें कोमल, शुद्ध और धीमी हों।
शुद्ध ध्वनि से और इस ध्वनि को सही तरीके से इस्तेमाल करने से आप कई तरह की दिमागी बीमारियों, तनाव, रक्तचाप तथा दर्द जैसे कि ऑपरेशन के बाद का दर्द, सिरदर्द, माइग्रेन, पेट में बल, आर्थराईटिस के दर्द इत्यादि में काफी आराम पा सकते हैं।
इस संगीत के द्वारा सुधार को कई लोगों ने व डॉक्टरों ने भी माना और अपनाया है। योग के द्वारा इलाज करने वाले योगिक डॉक्टरों ने भी इसके बारे में काफी खोज व प्रचार किया है। ध्वनि प्रदूषण के अतिरिक्त, संगीत द्वारा शुद्ध ध्वनि से बहुत लाभ होते हैं और इस इलाज में ॠ (ओम) की ध्वनि को सबसे उत्तम माना गया हैं।
यदि आप किसी योगिक डॉक्टर से इसे सही ढंग से गाना खुद भी सीख लें और रोज इसकी साधना करें तो एक तरफ तो आप मग्न होकर चिन्तन भी कर रहे हैं और दूसरी ओर इस ध्वनि से जो तरंगें पैदा होती हैं उनसे आपको लाभ होता है, खासतौर पर दर्द कम करने में ओर कई तरह की बीमारियों को काबू करने में है।
इस प्रकार की खोजों में पाया गया है कि न केवल यह बीमारियों को काबू में लाती है बल्कि आपका व्यक्तित्व भी सुधारती है। यदि आप ज्यादा चिंता करते हैं, तनाव में जीते हैं और आपका आत्मविश्वास खो गया है तो भी आपको संगीत चिकित्सा और ओम की साधना से बहुत फर्क पड़ेगा।
आजकल तो इन मंत्रों और कई तरह के शुद्ध ध्वनि के कैसेट भी बिकते हैं जिन्हें सुनकर आप न केवल चिन्तन कर सकते हैं, बल्कि ये आपको कई बीमारियों से मुक्ति भी दिला सकते हैं। यह करके आप अपने आत्मविश्वास को भी बढ़ावा दे सकते हैं और आप में सहनशीलता की शक्ति भी बढ़ती है।
तो आज ही से आप रोजाना कुछ समय निकालकर इस संगीत चिकित्सा का इलाज शुरू करें। यह जरूरी नहीं कि आपको योग आता हो या आपको संगीत की जानकारी हो। यह जरूरी है कि आप रोजाना शुद्ध, सरल, मधुर और कोमल संगीत को सुनें।
- अम्बिका

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