परिवार के स्वास्थ्य के लिए कुछ टिप्स

 
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- सैंडविच में बटर लगाने के स्थान पर आप मलाई और दही को अच्छी तरह फेंटकर खीरा, पत्ता गोभी व गाजर को कद्दूकस करके मिला लें और ब्रेड पर लगा कर खाएं। ये सैंडविच स्वाद व पौष्टिकता से भरपूर बनेंगे। दही और मलाई को फेंटते समय 2-3 बूंदे रिफाइन्ड ऑयल की और 8 से 10 दाने चीनी के भी मिलाएं, हल्का नमक और काली मिर्च भी।
- सोयाबीन की बडिय़ां या चूरे का प्रयोग सब्जियों में मिलाकर करें। चावल, खिचड़ी, दलिया में भी इन्हें मिलाकर प्रयोग में लाएं। सब्जियों के स्वाद के साथ सेहत के लिए भी सोयाबीन लाभप्रद है।
- गेहूं के आटे को बिना छाने ही गूंथें क्योंकि चोकर में फाइबर की मात्रा होती है जो शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होती है।
- खाने में छिलके वाली या साबुत दालें अधिक प्रयोग करें। मूंग की दाल का चीला पौष्टिक और स्वादिष्ट होता है इसे बनाते समय बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, धनिया, पत्त्त्रगोभी डाल सकते हैं।
- घर पर तरह तरह की चटनियां तैयार कर भोजन का अभिन्न अंग बनाएं। धनिया, पुदीना, प्याज, टमाटर, आंवला, करौंदा, लहसुन मिलाकर चटनी बनाएं इनमें बहुत सारे विटामिन्स होते हैं। स्वाद और स्वास्थ्य दोनों मिलेंगे।
- बची हुई दाल का आटा गूंथ कर चपाती, परांठे परिवार को बना कर दें। बची हुई सूखी सब्जियां स्टफ कर ब्राउन बेड के सैंडविच या परांठे बना कर परिवार को खिलाएं। इस बहाने जो सब्जियां या दालें बच्चे नहीं खाते, अप्रत्यक्ष रूप से उनके अंदर सब चला जाएगा।
- गेहूं के आटे के साथ बेसन, चने का आटा या सोयाबीन का आटा मिलाकर रोटी बनाएं। अधिक अनाज मिक्स करने से पौष्टिकता बढ़ जाएगी।
- अंकुरित अन्न में पौष्टिकता कई गुना अधिक होती है इसलिए मूंग, मोंठ, काले चने, लोबिया, मूंगफली, गेहूं को अंकुरित कर परिवार को नाश्ते के रूप में खिलाएं।
- तिल में कैल्शियम भरपूर होता है। इनका सेवन किसी न किसी रूप में अवश्य करें। तिल को भूनकर रख लें। इन्हें प्रात: दूध के साथ ले सकते हैं। इससे हड्डियां पुष्ट बनती है, भुरभुरापन कम होता है।
- हमेशा  फल सब्जियां मौसमी ही प्रयोग करें क्योंकि मौसम में ये चीजें सस्ती और ताजी मिलती हैं। कभी कभी तीन चार फल थोड़े थोड़े काट कर उन पर एक या दो चम्मच शहद मिलाकर परिवार को दें। चाहें तो कटे फल दही में मिलाकर भी दे सकते हैं। यह अपने आप में स्वीट डिश का काम करता है। पौष्टिकता भी इनमें भरपूर होती है।
- मूंगफली को भून कर पीसकर रख लें। इनका प्रयोग ग्रेवी वाली सब्जी में कर सकते हैं। इससे ग्रेवी गाढ़ी बनती है और पौष्टिकता भी मिल जाती है और प्रोटीन की मात्रा भी मिल जाती है। भुनी हुई मूंगफली को पोहे में भी प्रयोग किया जा सकता है।
- सुनीता गाबा

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