संतरे से करें स्वास्थ्य और सौन्दर्य की देखभाल

 
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हमारे भारत देश में संतरे की व्यापक पैदावार नागपुर एवं दार्जिंलिंग में होती है। स्वास्थ्यवर्धक संतरे कड़े एवं नरम छिलके, दोनों किस्म के पाये जाते हैं।
संतरे के सेवन से एक ओर जहां शरीर में चुस्ती फुर्ती बढ़ती है वहीं अनेक रोगों, बीमारियों से छुटकारा भी मिलता है। संतरे का उपयोग त्वचा में निखार एवं सौन्दर्य वृद्धि भी हेतु किया जाता है।
संतरे में विटामिन सी की प्रचुरता होती है। विटामिन ए, सोडियम, कैल्शियम, लोहा, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट आदि की प्रचुर मात्रा संतरे में विद्यमान होती है।
  यहां प्रस्तुत हैं संतरे के  उपयोग:-
- बदहजमी होने पर संतरे के रस में भुना जीरा मिलाकर पियें।
- अधिक प्यास लगती है तो संतरे का एक गिलास रस अवश्य पियें। इससे प्यास भी ज्यादा नहीं लगेगी और तन मन को शीतलता भी पहुंचेगी। साथ ही साथ तनाव एवं थकान भी दूर हो जायेंगे।
- गर्भवती महिलाओं को संतरे का रस नियमित लेना चाहिए। इससे प्रसव के समय होने वाली परेशानियों एवं तकलीफों से मुक्ति मिलेगी और नवजात शिशु हृष्ट पुष्ट होगा।
- छोटे बच्चों को संतरे का रस नाश्ते में अवश्य दीजिये। इससे बच्चे के दिमाग एवं बल में वृद्धि होगी। उसकी पाचन क्रिया भी सुचारू रूप से बनी रहेगी।
- सूखी खुजली, होने पर संतरों के छिलकों को पीस लें और पानी मिलाकर शरीर में मलें। खुजली दूर हो जायेगी।
- त्वचा में निखार लाने के लिये संतरे के छिलकों को धूप में सुखाकर पीस लें। फिर उसका उबटन बनाकर चेहरे पर लगायें। सूख जाने पर धो लें।
- आंखों के नीचे काले घेरे हों तो संतरे के रस में रूई भिगोकर थोड़ी देर के लिये आंखों पर नित्य रखें।
- कील मुहांसों, दाग धब्बों को दूर करने के लिये संतरे के छिलकों को दूध में भिगोकर बारीक पीस लें रात्रि को नित्य मलें।
- ताजे संतरे के छिलकों को चेहरे पर रगडऩे से सौन्दर्य में वृद्धि एवं त्वचा में निखार आता है।
- संतरे के छिलकों को अलमारी में रखिये। इनकी भीनी-भीनी खुशबू आपका मन मोह लेगी।
- सुमित्रा यादव

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