सर्दियों में संभालकर रखें नाजुक होंठों को

 
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सुन्दरता स्त्रियों को प्रकृति की दी हुई अनुपम भेंट है। हर ऋतु मेें अपनी सुन्दरता को संभाल कर रखना हर स्त्री का धर्म है। अपने अनुपम अंगों की सही देखभाल करना स्त्री की सचेतता को दर्शाता है। विशेषकर शीत ऋतु में ठंडी हवाओं के चलते हुए हमें अपने खुले अंगों पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि ठंडी हवाएं खुले अंगों की त्वचा को खुरदरा व सिकुड़ा हुआ बना देती हैं और त्वचा फटनी शुरू हो जाती है।
खुले अंगों में से होंठ सबसे  अधिक नाजुक होते हैं और शीघ्र फट जाते हैं। इनके फटने से या सिकुडऩे से चेहरे की सुन्दरता पर बुरा प्रभाव पड़ता है। सुन्दर होंठ चेहरे की शान होते हैं, इसलिए इनको फटने और सिकुडऩे से बचा कर रखना चाहिए।
फटे हुए होंठ पीड़ादायक होते हैं और कभी-कभी अधिक फटने से उनमें खून रिसना शुरू हो जाता है। कई बार होंठों पर जख्म बन जाते हैं जो देखने में बहुत गंदे लगते हैं। खिले खिले होंठ सबको अच्छे लगते हैं। उनको खिला-खिला रखने के लिए सर्दियों में विशेष ध्यान देना चाहिए।
खाना खाने के पश्चात दांतों और होंठों को अच्छी तरह से साफ करना चाहिए। अधिक जोर से होंठों को न रगड़ें।
होंठों पर पपड़ी जमने पर उन्हें खींच कर मत निकालें। उन पर माश्चराइजर या मलाई आदि धीरे-धीरे लगायें और कुछ समय के लिए छोड़ दें।
नहाने से पूर्व नियमित नाभि में तेल लगायें। ऐसा नियमित करने से होंठ फटेंगे नहीं।
होंठों पर जैतून के तेल की या कोल्ड क्रीम की हल्की मालिश करें। उससे होंठों को खुश्की से बचा कर रख सकते हैं।
लिपस्टिक लगाने से पूर्व होंठों पर माइश्चराइजर लगायें। बाहर जाते समय लिपस्टिक लगा कर ठंड से होंठों की सुरक्षा कर सकते हैं। ध्यान रखें रात्रि में सोते समय लिपस्टिक साफ कर के सोयें। बाद में होंठों पर मलाई से हल्की मालिश कर लें। कच्चे दूध में केसर मिला कर नियमित होंठों पर लगाने से होंठ गुलाबी बने रह सकते हैं।
हो सके तो लिपस्टिक लगाने के बाद होंठों पर लिप ग्लास लगा लें। इससे होंठों में अधिक चमक आती है और लिपस्टिक जल्दी नहीं छूटती।
उचित आहार पर अवश्य ध्यान दें।
अधिक ठंडे और गर्म पेय पदार्थों का सेवन न करें। थोड़ी सी अतिरिक्त देख रेख से आप अपने होंठों को सुंदर और गुलाबी रख सकती हैं। सर्दियों की हवा ठंडी और शुष्क होती है, इसलिए इन्हें आवश्यकता होती है अधिक देखभाल की।
-नीतू गुप्ता

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