थकान क्यों और निदान क्या?

 
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थकावट के कई कारण हैं तथा हम इन्हें दो भागों में बांट सकते हैं। पहले वे लोग आते हैं जो शारीरिक मेहनत अधिक करते हैं तथा दूसरे में वे लोग आते हैं जो मानसिक मेहनत करते हैं।
इस लगातार भागती-दौड़ती जिन्दगी में शारीरिक एवं मानसिक थकावट को दूर करने के लिए हम मनोरंजन और विश्राम का सहारा लेते हैं। फिर भी हमें ताजगी नहीं मिलती। कुछ लोग समझते हैं कि हम कार्य करने से थकते हैं परंतु ऐसा नहीं है क्योंकि फालतू बैठने वाला व्यक्ति भी थक जाता है।
दरअसल हमें थकावट का अनुभव तब होता है जब हमारा कार्य करने का सामर्थ्य घट जाता है परंतु मनोवैज्ञानिक थकावट का कारण रूचि और अनिच्छा से कार्य करने को मानते हैं। शारीरिक थकावट हमें तब आती है जब हम अंगों के द्वारा अपनी शक्ति से अधिक कार्य करते हैं। परिणामस्वरूप हमारे अंग शिथिल हो जाते हैं और शरीर का सामंजस्य खत्म हो जाता है।
ऐसे में हमारी मांसपेशियों एवं स्नायु तंत्र में दुग्धाम्ल (लेक्टिक एसिड) नामक विषाक्त तत्व बनने लगता है और यदि यही मात्र अधिक हो जाए तो शरीर में पक्षाघात होने का डर रहता है। वैसे शरीर की ऐसी व्यवस्था होती है कि अधिवृक्क ग्रंथियों के माध्यम से अधिकांश दुग्धाम्ल निकल जाता है।
मानसिक थकावट अनिच्छा से कार्य करने पर, बीमारी की अवस्था में कार्य करने पर, क्षमता से अधिक कार्य करने पर एवं वृद्धावस्था में अन्त: स्रावों की कमी से उत्पन्न होती है। इन कारणों के अलावा मानसिक थकावट कुछ रोगों के कारण भी होती है यथा-रक्ताल्पता, कब्ज, मानसिक अस्थिरता, स्वप्नदोष, थायराइड स्राव की कमी, अनियमित ऋतुस्राव आदि से, परन्तु कुछ हमारी गलत आदतों पर भी थकावट निर्भर करती है जैसे-गर्म और उत्तेजक पदार्थों का सेवन, असंतुलत भोजन लेना, कई काम एक साथ हाथ में लेना एवं हमेशा काम वासना में लगे रहना आदि।
थकावट से बचने के कई आसान उपाय हैं, परंतु अधिकांश लोग मानसिक एवं शारीरिक थकावट को दूर भगाने के लिए कड़क चाय, सिगरेट, तम्बाकू, पान, तरह-तरह के ड्रिंक्स शराब, भाग का सहारा लेते हैं परंतु ये सब क्षणिक लाभ पहुंचाते हैं तथा स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालते हैं।
थकावट दूर करने के लिए हमें अपने कार्य रूचिपूर्वक करने चाहिए। आवश्यक कार्यो को आवश्यकतानुसार एक-एक करके निपटाना चाहिए। यदि कार्य करते समय थकान महसूस हो तो थोड़ा आराम कर लेना चाहिए।
इन सब के अलावा थकावट दूर करने का उपाय मनोरंजन भी है जिसके लिए निम्न उपाय अपनाए जा सकते हैं।
अपनी रूचि के खेल खेलना, पुस्तक-पत्रिकाएं पढऩा, रूचिकर पेय लेना, टी.वी., सिनेमा देखना, अच्छी नींद लेना आदि। पौष्टिक आहार दूध, चना, पपीता, हरी सब्जियां, फल आदि लेने चाहिए। थकान अधिक होने पर पूर्ण जांच डॉक्टर से करायें।
एक ही कार्य अधिक देर तक न करें क्योंकि मन उस कार्य से ऊब जाता है। रोज ठंडे पानी से नहाना चाहिए। सुबह खुली हवा में टहलना चाहिए। मादक पदार्थों को त्याग दें। नींबू या आंवले का सेवन, मनोरंजन आदि थकावट दूर करने के उपाय हैं।
-  देवेन्द्र चन्द्र पांडेय

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