चटपटे चुटकुले

 
चटपटे चुटकुले
नाना ने कुछ बड़े हो गये नाती को गुर की बात समझाते हुए कहा- 'बेटा अब कोई काम धन्धा जमा लो, बेकार फिरना अच्छी बात नहीं। जब मैं तुम्हारी उम्र का था तो मैंने दुकान में पचास रूपये की नौकरी की थी। फिर छह साल बाद उतनी ही बड़ी दुकान बना ली थी।'
नाती से रहा न गया। बोल पड़ा-नानाजी, अब वे जमाने लद गये। अब वैसी तिकड़म नहीं चलती। हर जगह कायदे के अनुसार हिसाब-किताब से रखा जाता है।'

बस में सफर कर रही एक लड़की ने एक हाथ में किताबें पकड़ रखी थीं तथा दूसरे हाथ में बस का डंडा था।
कंडक्टर-टिकट ले लो।
लड़की-देखते नहीं, मेरे हाथ खाली नहीं है।
कण्डक्टर- एक चीज मुझे दे दो।
लड़की- तो पकड़ लो बस का डंडा।

एक बच्चा रात को देर से घर गया। मां ने पूछा- 'कहां थे अब तक' 'जी मैं फिल्म देखने गया था, मां का प्यार।'
मां ने कहा- 'जाओ ऊपर बाप का गुस्सा भी देखो।'

From around the web