चटपटे चुटकुले

 
न
नरेश चन्द्र: मैं बहुत परेशान हूं। मुझे नींद नहीं आती।
डॉक्टर: क्यों नहीं आती?
नरेश चन्द्र: यह तो मुझे मालूम नहीं। हर रोज रात के दो बजे तक नींद का इंतजार करता रहता हूं और फिर तंग आकर सो जाता हूं।

घमंडी दोस्त से एक गरीब दोस्त बरसों बाद मिला तो उसने कहा-तुमने मुझे नहीं पहचाना?
अमीर दोस्त ने जवाब दिया-मैं गधों को नहीं पहचानता।
इस पर गरीब दोस्त ने कहा-लेकिन मैं पहचानता हूं।

पिता (विक्की से): तुम झूठ बोलते हो, तुम रात को बारह बजे तक कैसे पढ़ते रहे, जबकि बिजली रात को आठ बजे से दो बजे तक बंद थी।
विक्की: पिताजी बात यह है कि मैं पढने में इतना व्यस्त था कि मुझे पता ही नहीं चला कि कब बिजली चली गई।

गिन्नी (सोनू से): अरे तुमने केले का छिलका रेहड़ी के पास पड़े कूड़ेदान में क्यों नहीं फेंका।
सोनू: यदि मैं छिलका कूड़ेदान में डालता तो रेहड़ी वाला कल इन्हीं छिलकों में केले डालकर ले आता।

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