मूड ठीक रखिए

 
मूड खराब होने के मानसिक, शारीरिक, घरेलू परिस्थितिजनक कोई भी कारण हो सकते हैं। मूड खराब होने पर कई बार व्यक्ति डिप्रेशन में आकर अन्तर्मुखी हो जाता है या फिर फ्रस्टे्रशन और क्र ोध उसे ज्यादा ही ऊर्जावान बना देता है। नेगेटिव सोच भी मूड पर नेगेटिव असर डालती है। नेगेटिव सोच रखने वाला न खुद प्रसन्न रहता है न अपने आसपास प्रसन्नता बिखेरता है।
मानसिक प्रसन्नता भीतर से उपजती है। यह आदत की बात भी कही जा सकती है। कई लोग खुशमिजाज होते हैं। वे बगैर किसी खास कारण के भी खुश ही रहते हैं। लोगों से स्नेह रखते हैं। उनमें नेगेटिव वाइब्स बहुत कम होती हैं। ऐसे लोग मूड के गुलाम नहीं होते बल्कि दुख तकलीफ को झटकने का माद्दा रखते हैं। समस्याओं से प्रैक्टिकल होकर निपटना जानते हैं।
वे हमेशा दूसरों को मॉरल सपोर्ट देते हैं और सोशल होते हैं जब कि कुछ अन्य प्रकार के लोग जिनमें दूसरों से जलने की बुरी आदत होती है, अक्सर बात बेबात कुढ़ते रहते हैं। वे सदा अपने आसपास नेगेटिव वाइब्स फैलाते हैं। तरह-तरह के फोबियाज़ के शिकार होते हैं। सब कुछ होते हुए भी खुश रहना नहीं जानते।
ऐसे लोग बहुत बदकिस्मत होते हैं जो अपनी अच्छी किस्मत को ठोकर मार मानसिक विचारों के कारण हर समय निराशावादी बातें कर समस्याओं को राई का पर्वत बना लेते हैं।
दूसरों का दुख और परेशानी कुछ औरतों की बीमारी की दवा होती है। इस तरह की आदत की शिकार आपको बहुत सी औरतें मिलेंगी जिनका मूड दूसरों के दुख और खुशी से रिलेटेड होता है, यानी दूसरे की खुशी उन्हें गम के समंदर में डुबो देती है और दूसरों
का गम जितना तीव्र होगा, उनकी
खुशियों का आसमां उतनी ही ऊंचाई पर होगा।
बाज आएं स्वभाव की इस नीचता से। रोज यह मंत्र  बोलें - सर्वेशाम स्वस्ति: भवतु, सर्वेशाम शांतिर्भवतु, सर्वेशाम पूर्णम भवतु, सर्वेशाम मंगल्ं भवतु।
सर्वेभवन्तु सुखिना: सर्वेभवन्तु निरामय, सर्वेभद्राणि पश्यन्तु, माकश्चित दु:ख भाव भवेत।
इसमें सब की मंगल कामना की गई है। मन की शांति इसी सोच से प्राप्त होगी। मूड पर भी नियंत्रण करना भी सीख जायेंगे। दूसरों की खुशी में खुश होना सीख लें। फिर देखिए आपकी खुशियों का भंडार कैसे भरा पूरा रहता है।
अपना जीवन संवारने का प्रयत्न जरूर करते रहें लेकिन मूड का दुश्मन जलन होती है। क्र ोध होता है। परिग्रह की खत्म न होने वाली हवस होती है। इन्हें जीत लें तो मूड का पारा फ्लक्चुएट नहीं होगा। यह स्टेबलाइजर तो आपको लगाना ही होगा।
- उषा जैन शीरीं

From around the web