सुंदरता में चार चांद लगाती है बिंदी

 
1

श्रृंगार से महिलाओं का अटूट रिश्ता रहा है। महिलाओं के सौंदर्य प्रसाधन में सिर से पांव तक को सजाने के सामान होते हैं। उन्हीं सौंन्दर्य प्रसाधनों में बिंदी भी अहम भूमिका निभाती है। बिंदी यानी महिलाओं के माथे का श्रृंगार जिसकी सौंदर्य प्रसाधनों में अलग पहचान है।
भारतीय संस्कृति में बिंदी व टीके की अहमियत हमेशा से रही है। बिंदी शब्द को संस्कृत शब्द बिंदु से लिया गया है जिसका मतलब है ड्राप बिंदु या डाट बिंदू। बिंदी को हमेशा माथे के बीचों-बीच लगाया जाता है क्योंकि माथा चेहरे का वह हिस्सा है जो सबसे पहले ध्यान आकर्षित करता है। कहा जाता है कि माथे के बीच लगा टीका या बिंदी हमारी स्मरण शक्ति को मजबूत करती है।
राजपूताना काल में महारानी युद्धस्थल में जाने से पहले अपने पति या पुत्र के माथे पर तिलक लगा कर उनको विदा करती थी और लौटने पर उनका स्वागत भी तिलक से ही किया जाता था। यह रिवाज आज के युग में भी देखने को मिलता है लेकिन युद्धस्थल में नहीं।
पांच सितारा होटलों में जब भी कोई डेलीगेशन आता है तो उनका स्वागत टीका लगाकर किया जाता है। इतिहास में अपने प्रेमी को रिझाने के लिए बिंदी के इस्तेमाल के प्रयोग का जिक्र  किया गया हैं।
 कई कवियों ने भी बिंदी और उसके प्रभाव पर खूबसूरत पंक्तियां रच डाली हैं।
वैदिक काल में स्त्री-पुरूष दोनों ही बिंदी लगाया करते थे। समय बदला और इसका प्रयोग सिर्फ विवाहित महिलाओं तक ही सीमित होकर रह गया लेकिन विधवा स्त्रियों के लिए लाल रंग की बिंदी का प्रयोग अनुचित करार दिया गया।
भारतीय परिवेश में लाल बिंदी लगाना सुहाग का प्रतीक माना गया है। मान्यता यह है कि विवाह के बाद दुल्हन मांग में लाल सिंदूर भरे और माथे पर लाल बिंदी लगाये हुए घर में प्रवेश करती है तो उसके साथ घर में खुशहाली और समृद्धि भी प्रवेश करती है।
पहले केवल शादीशुदा महिलाएं ही बिंदी लगाया करती थीं। अब अविवाहित लड़कियों  के बीच भी इसका क्रेज बढऩे लगा है। समय बदला लेकिन बिंदी के प्रति महिलाओं का आकर्षण कम नहीं हुआ। बदला है तो बिंदियों का रूप, रंग और डिजाइन।
आजकल महिलाओं की पसंद बदली है। आज तरह-तरह की बिंदी मार्केट में उपलब्ध हैं जिनकी कीमत 10 रूपये से 300 रूपये तक है।
 इन बिंदियों को विदेशों में भी भेजा जाता है। आजकल बिंदी सिर्फ माथे पर ही नहीं लगायी जाती वरन शरीर के अन्य हिस्सों पर भी इसे लगाने का चलन बढ़ा है।
टीवी सीरियलों के कैरेक्टरों ने भी बिंदियों को अलग पहचान दी है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि हमेशा अच्छी क्वालिटी की बिंदी खरीदनी चाहिए। घटिया बिंदी लगाने से त्वचा पर संक्रमण हो जाता है जिससे माथे पर सफेद निशान पड़ सकता है।
 फंगल इन्फेक्शन होने के कारण दाने भी उभर आते हैं। बिंदी का चुनाव करते समय अपने फेस स्ट्रक्चर का भी ध्यान रखे क्योंकि बिंदी से व्यक्तित्व की भी पहचान होती है।
- नर्मदेश्वर प्रसाद चौधरी

From around the web