पति को भी आवश्यकता है पत्नी को समझने की

 
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सबसे प्यार भरा और अधिक समय तक साथ रहने का रिश्ता है पति-पत्नी का। यदि यह रिश्ता मिठास भरा बना रहे तो क्या कहने? इस मिठास को बनाए रखने में दोनों की सहभागिता और आपसी समझ की जरूरत रहती है। महिलाओं में दूसरों की भावना को समझने की शक्ति अधिक होती है। आधुनिक युग में दांपत्य में मधुरता के लिए पति को भी आवश्यकता होती है कि वह पत्नी की भावनाओं का सम्मान करे, कद्र करे।
बहुत सारी बातें ऐसी होती हैं जिन्हें कहकर स्पष्ट किया जाता है और कुछ बातों को बिना कहे समझना ही समझदारी की पहचान है। जैसे पति चाहता है कि उसे उसकी पत्नी समझे, उसी हिसाब से चले, वैसे ही पत्नी की भी यह छुपी चाहत होती है कि पति भी उसकी इच्छाओं को समझे। जिस परिवार में पति पत्नी की भावनाओं को नहीं समझता या समझने का प्रयास नहीं करता, उस घर में उनका दांपत्य जीवन मिठास भरा न रहकर कड़वाहट से भर जाता है। यदि आप चाहते हैं कि आपका दांपत्य जीवन मधुर रस से भरा रहे तो आपको भी समझना होगा कि पत्नी आपसे क्या चाहती है-
- महत्वपूर्ण फैसला लेने से पूर्व पत्नी से उनकी राय जरूर जानें जिससे उसे यह अहसास हो कि वह भी सही सलाह देने के योग्य है और आप उसे इस लायक समझते हैं कि वह सही रूप में आपकी अर्धांगिनी है।
- उसे किसी प्रकार की समस्या हो तो उसकी बात को ध्यान से सुनें और समस्या का समाधान करने में उसकी मदद करें। पारिवारिक समस्याओं को मिलकर निपटाएं। सारी जिम्मेदारी न तो अपने ऊपर लें, न ही उस पर लादें।
- उसे अपने निर्णय स्वयं लेने की छूट दें। हर बात पर टीका टिप्पणी न करें। कुछ निर्णय स्वयं लेने से उसका आत्मविश्वास बढ़ता है।
- अपने काम स्वयं करने की आदत डालें। पत्नी पर अधिक निर्भर न रहें। कभी कभी लाड़ प्यार में अपने काम उससे करवायें जिससे उसे अपनी महत्ता का अहसास होता रहे।
- पत्नी के किसी बात पर मना करने पर उसे मजबूर न करें। न ही न करने की वजह जानने का प्रयास करें। उसे प्यार दें। उसके हमदम बनें जिससे उसे लगे कि आप उसके अच्छे मित्र हैं।
- पत्नी पर विश्वास करें। उससे कभी अभद्र व्यवहार न करें। कभी वह गलती पर भी हो तो उसे प्यार से समझाएं, मार-पीट और डांट डपट करके नहीं।
- अपने सुख और परेशानियों में उसे सहभागी बनाएं। पत्नी के प्रति ईमानदार और वफादार रहें।
- पत्नी को अपने सगे संबंधियों से मिलने की छूट दें। यदि आप किसी कारणवश साथ नहीं जा सकते तो अपनी समस्या स्पष्ट रूप से उसे बतायें और उसे वहां छोडऩे या लेने का आश्वासन दें।
- पत्नी नौकरी करती हो या घरेलू हो तो उसकी हल्की फुल्की मदद करें। उसके कामों को निबटाने में मदद करेंगे तो वह खुश होगी।
- थक जाने पर या उसकी इच्छा न होने पर उससे जबरदस्ती न करें। पूरा सहयोग दें। संभोग का अर्थ दोनों की पूरी भागेदारी है। जबरदस्ती करना पत्नी के मन में सेक्स के प्रति नफरत पैदा कर सकता है।
- पत्नी के गुणों की कद्र करें।
- पत्नी से ईर्ष्या न करें। यदि वह अधिक सुंदर, पढ़ी लिखी या अच्छी नौकरी में है तो खुद से तुलना न करें।
- पत्नी को उसकी पसंद का उपहार कभी कभी देते रहें जिससे उसे लगे कि आप उसकी केयर करते हैं।
- पत्नी को 'आई लव यू', 'यू आर सो ब्यूटीफुल एन्ड केअरिंग वाइफ' ऐसे शब्दों का प्रयोग करते रहें। इन शब्दों से पत्नी को ऊर्जा मिलती रहती है और खुशनुमा माहौल भी बना रहता है।
- उसे अपने मित्रों से मिलने जुलने की स्वतंत्रता दें। उसका अपना सर्कल भी हो सकता है।
- कभी-कभी उसे खाना बनाने से आराम दें और बाहर जाकर उसके साथ खाना खायें या घर पर खाना मंगवा लें।
- सुनीता गाबा

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