आपका व्यक्तित्व और बॉडी लैंग्वेज

 
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एक जमाना था जब लोग किसी से स्थायी संबंध कायम करने से पहले उसकी हर तरीके से काफी समय तक जांच परख करते थे। लंबी जांच-परख में खरा उतरने पर ही उस व्यक्ति से संबंध कायम करते थे।
आज के तेज़ रफ्तार जीवन में लोगों के पास अपने बारे में विस्तार से बतलाने या किसी अन्य के विषय में विस्तार से जानने के लिए बिल्कुल समय नहीं है। आज तत्कालिक रिश्तों (इंस्टेंट रिलेशन) का जमाना है। ऐसे रिलेशन के लिए 'बॉडी लैंग्वेज' काफी सहायक है।
किसी से बिना बात किए उसके शारीरिक हाव-भाव से उसके विषय में जाना जा सकता है। किसी व्यक्ति के शारीरिक हावभाव से उसके असली स्वरूप को पहचान लेना ही बॉडी लैंग्वेज है। बॉडी लैंग्वेज कोई लिखित भाषा नहीं है। यह पहले से जितनी निश्चित है उससे ज्यादा तात्कालिक संदर्भों से जुड़ी है, इसलिए किसी के व्यवहार से उसको बॉडी लैंग्वेज संबंधों का अर्थ तात्कालिक संदर्भों के आधार पर ही निकालना चाहिए। नीचे प्रस्तुत हैं बॉडी लैंग्वेज के कुछ आधारभूत हावभाव जिसके आधार पर किसी व्यक्ति विशेष के शारीरिक हावभाव को जानकर आप उससे बेहतर संबंध बनाने में सफल हो सकते हैं।
बॉडी लैंग्वेज कोई लिखित भाषा नहीं है बल्कि किसी भावना को हावभाव के जरिये व्यक्त करने का तरीका है। यह आपके बारे में उतना बतलाता है जितना आप स्वयं नहीं बतलाते, इसलिए किसी के सामने ऐसी वैसी हरकत न करें।
वैसे तो हर आदमी अपनी बात और भावनाओं को व्यक्त करने के लिए तरह-तरह के भाव-भंगिमाओं का सहारा लेता है। इसे सीखने के लिए किसी की जरूरत नहीं पड़ती लेकिन बॉडी लैंग्वेज जानने वालों की भाव भंगिमाएं और प्रभावशाली हो जाती हैं।
किसी को जांचने परखने के लिए उसके बारे में किसी से पूछताछ करने से बेहतर उसकी 'बॉडी लैंग्वेज को समझना है।
हमारे खड़े होने का तरीका तथा किसी से हाथ मिलाने का तरीका हमारे व्यक्तित्व के साथ उस व्यक्ति के साथ संबंधों को भी प्रदर्शित करता है, इसलिए किसी से भी गर्मजोशी से हाथ मिलाएं तथा जहां भी खड़े हों, सहज स्थिति में रहें। इससे आपके व्यक्तित्व की प्रभावशाली  छवि बनेगी।
किसी से बातचीत करते समय बार-बार अंगुलियां न चटकाएं। यह उस व्यक्ति के प्रति अरूचि का बोध कराता है तथा आपकी किसी असफलता का सूचक भी है।
किसी के बारे में जानने के लिए उसे कुरेद-कुरेद कर न पूछें बल्कि उसके हावभाव से उसके बारे में जानने का प्रयास करें। 'बॉडी लैंग्वेज' प्रभावशाली  व्यक्तित्व तथा मजबूत संबंध विकसित करने का  तरीका है।
किसी की बात सुनते समय बार-बार आंखें न मींचें। ऐसा करने से संकेत मिलता है कि उसकी बातों में आपकी रूचि नहीं है।
हावभाव से सामने वाले व्यक्ति के बारे में जानें तथा अपनी सीमाओं का भी ख्याल रखें। बॉडी लैंग्वेज संबंधों को मजबूत आधार देने के साथ उन्हें प्रभावशाली  भी बनाती है, इसलिए किसी से बातचीत करते समय उत्साही बने रहें तथा अपने हाव भावों को नियंत्रित रखें।
किसी सभा-समारोह में बैठकर कमीज का कॉलर मुंह में लेकर न चबाएं। आपको ऐसा करते देखकर सामने वाला समझेगा कि आपको कुछ समझ में नहीं आ रहा है। स्पर्श बॉडी लैंग्वेज का एक विशेष हिस्सा है, इसलिए स्पर्श के प्रति संवेदनशील बनें।
किसी से बातचीत करते समय बार-बार सिर, गर्दन या पीठ न खुजलाएं। आपका यह हावभाव आपके व्यक्तित्व को प्रभावशाली  बनाने के मार्ग में बाधा उत्पन्न करेगा।
- राजा तालुकदार

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