मुजफ्फरनगर में नीट 2023 में जूम इंस्टिटयूट के 10 छात्रों ने कामयाबी पाकर लहराया परचम
मुजफ्फरनगर। अखिल भारतीय स्तर पर होने वाली नीट 2023 की परीक्षा में भोपा रोड स्थित जूम इंस्टिटयूट के 10 छात्रों ने कामयाबी पाकर परचम लहरा दिया है। सफल छात्रों में चरथावल के मोहम्मद असगर के पुत्र मोहम्मद आमिर ने MBBS में अपना दाखिला पक्का कर लिया है। अन्य सफल छात्रों में लद्धावाला निवासी, इस्लामिया इंटर […]
मुजफ्फरनगर। अखिल भारतीय स्तर पर होने वाली नीट 2023 की परीक्षा में भोपा रोड स्थित जूम इंस्टिटयूट के 10 छात्रों ने कामयाबी पाकर परचम लहरा दिया है। सफल छात्रों में चरथावल के मोहम्मद असगर के पुत्र मोहम्मद आमिर ने MBBS में अपना दाखिला पक्का कर लिया है। अन्य सफल छात्रों में लद्धावाला निवासी, इस्लामिया इंटर कॉलेज में प्रवक्ता मोहम्मद शाहनवाज के सुपुत्र, मोहम्मद शाहजेब ने अपने भाई की तरह MBBS में अपना स्थान पक्का कर लिया है।
गांधीनगर निवासी धर्मेंद्र तोमर की सुपुत्री रितिका तोमर, मोहम्मद फारूख के सुपुत्र मोहम्मद आफताब अली और शाहपुर के मोहम्मद सादिक खान की सुपुत्री शोबी ने भी विपरीत परिस्थितियों में तैयारी करते हुए MBBS में सफलता प्राप्त कर ली है। जानसठ के आरिफ के सुपुत्र फरदीन मलिक ने कस्बे में सफलता प्राप्त कर अपने घर वालों का नाम ऊँचा कर दिया है। जनकपुरी निवासी विनोद कुमार की सुपुत्री शैफाली कटारिया तथा बघरा के संदीप मोगा के सुपुत्र सिद्धार्थ मोगा और रूड़की के ईशम पाल सिंह जोकि वर्तमान में आयुर्वेदिक ऑफिसर हैं उनकी पुत्री अंशिका सिंह ने भी सरकारी MBBS कॉलेज के लिये सफलता प्राप्त कर अपने परिजनों का नाम ऊँचा कर दिया है।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर के रामराज में दुकान पर सामान लेने जाती युवती पर हमला, महिला सहित चार लोगों पर मुकदमा दर्जवहीं खुर्शीद आलम की सुपुत्री शारका फातमा भी सफल छात्रों में है और उन्होंने भी अपने परिजनों का डॉक्टर बनने का सपना पूरा कर दिया है। जूम के सभी शिक्षक इन सफल छात्रों के बढ़िया प्रदर्शन से बहुत खुश हैं। सभी शिक्षकों का मानना है कि बच्चों की मेहनत, उनके परिजनों का उनके प्रति समर्पण और शिक्षकों के मार्गदर्शन का नतीजा है जो इतनी बढ़िया सफलता मुजफ्रफरनगर जैसे छोटे शहर में मिल पाई है। सभी शिक्षकों का यह भी मानना है कि ऑनलाइन के इस समय में ऑफलाइन पढ़ाई का कोई विकल्प नहीं है।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर में दुर्घटना में घायल बाइक सवार वृद्ध किसान की मौत,मेरठ में इलाज के दौरान तोड़ा दमऑनलाइन पढ़ाई केवल आपका थोड़ा समय बचाती है लेकिन उसमें प्रदर्शन में सुधार होने की गुंजाइश कम होती है। साथ ही साथ उन्होंने छात्रों के धैर्य और हिम्मत की प्रशंसा भी की क्योंकि कंपीटीशन के इस समय में एमबीबीएस की सरकारी सीट पाना बहुत बड़ी सफलता है। सभी शिक्षकों ने और जूम इंस्टिटयूट के संचालकों ने सफल छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना की है।
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