मुजफ्फरनगर में क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं ने फिल्म आदि पुरुष का किया विरोध
मुजफ्फरनगर। फिल्म आदि पुरुष का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को मुजफ्फरनगर में क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा फिल्म आदि पुरुष का पुतला दहन करते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। दरअसल नगर के एक सिनेमा हॉल में लगी फिल्म आदि पुरुष का आज क्रांति सेना के युवा कार्यकर्ताओं के द्वारा […]
मुजफ्फरनगर। फिल्म आदि पुरुष का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को मुजफ्फरनगर में क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा फिल्म आदि पुरुष का पुतला दहन करते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर के खतौली में विभिन्न मुकदमों में वांछित चार वारंटी गिरफ्तार, पुलिस ने अदालत में किया पेशदरअसल नगर के एक सिनेमा हॉल में लगी फिल्म आदि पुरुष का आज क्रांति सेना के युवा कार्यकर्ताओं के द्वारा रुड़की रोड पर स्थित सिनेमा हॉल के बाहर फिल्म आदि पुरुष का पुतला दहन करते हुए जमकर नारेबाजी की गई।
ये भी पढ़ें हृदयगति रुकने से कंपोजिट विद्यालय चित्तौडा में तैनात शिक्षक का निधन, शिक्षा विभाग में शोक की लहरइस दौरान क्रांति सेना के युवा जिला अध्यक्ष जितेंद्र गोस्वामी ने कहा कि फिल्म आदि पुरुष का पुतला आज इसलिए कार्यकर्ताओं द्वारा फूंका गया है क्योंकि फिल्म में हिंदू धार्मिक ग्रंथ रामायण का बहुत गलत तरीके से अपमान किया गया है। जितेंद्र गोस्वामी ने कहा कि क्रांति सेना फिल्म आदि पुरुष पर बैन लगाने की मांग करती है।
क्रांति सेना के युवा जिलाध्यक्ष जितेंद्र गोस्वामी की माने तो हमारे शहर में आदि पुरुष फिल्म लगी है फ़िल्म का पुतला फूंका है क्योंकि इस फिल्म में हमारे धार्मिक ग्रंथ रामायण का बहुत बुरे तरीके से अपमान किया गया है व अमर्यादित वस्त्र और जो डायलॉग बोले गए है वह बिल्कुल बहुत भद्दे डायलॉग हैं इसी वजह से हमने का पुतला फूंका है, हम यह मांग करते हैं कि यह आदि पुरुष फिल्म बैन होनी चाहिए, हमारा इस मूवी को लेकर परमानेंट पुतला फूंकने का विचार चल रहा था एवं वैसे भी हमने इसका विरोध किया है, नहीं कहां बदलाव हुआ है एवं हमने कल ही फिल्म देखी है कोई बदलाव नहीं हुआ है और आज के डायलॉग लागू हुए होंगे लेकिन कल इसमें कोई डायलॉग लागू नहीं हुआ था, हम भी यही चाहते हैं कि इस फिल्म का विरोध हो और यह फिल्म बैन एवं बंद हो, हम इसके लिए सड़कों पर उतर कर पूर्णतया विरोध करेंगे क्योंकि हम चाहते हैं संसर बोर्ड इसमें बदलाव करें और फिल्म को बैन करें।
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