भाजपा जिला मंत्री सुनील दर्शन को कोर्ट ने भेजा जेल, 20 साल पुराना मामला, वारंट जारी होने पर कोर्ट में हुए थे पेश, जज ने हडकाया

 
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मुजफ्फरनगर। लगभग 20 वर्ष पूर्व दशहरे के दिन शहर कोतवाली क्षेत्र में दो समुदाय के बीच हुए संघर्ष के बाद भाजपा नेता सुनील दर्शन समेत दोनों पक्षों के 22 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें सुनील दर्शन के एनबीडब्ल्यू वारंट हो गये थे। आज सुनील दर्शन अपने अधिवक्ता के साथ कोर्ट में वारंट रिकॉल कराने के लिये गये थे, जहां पर जज ने उन्हें जमकर हडकाया और दो दिन के लिये जेल भेज दिया। पुलिस ने कोर्ट से ही सुनील दर्शन को जिला कारागार में भेज दिया।
 मुजफ्फरनगर सीजेएम कोर्ट ने एनबीडब्लू जारी होने के बाद पेश हुए भाजपा के जिला मंत्री सुनील दर्शन को जेल भेज दिया। सुनील दर्शन मंगलवार को 20 वर्ष पुराने सांप्रदायिक संघर्ष के एक मुकदमे को लेकर कोर्ट में पेश हुए थे। अभियोजन के अनुसार 15 अक्टूबर 2002 को शहर कोतवाली क्षेत्र के बकरा मार्केट सरवट गेट के समीप शोभायात्रा के दौरान दो संप्रदाय आमने-सामने आ गए थे, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच हुए बलवे व मारपीट और हंगामे के बाद पुलिस ने हिंदू पक्ष के 10 और मुस्लिम पक्ष के 12 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें भाजपा के मौजूदा जिला मंत्री सुनील दर्शन को भी नामजद किया गया था। पुलिस के अनुसार 20 वर्ष पहले लद्धावाला की ओर जाने वाली सड़क पर हिंदु और मुस्लिम पक्ष के 1000-1000 से अधिक लोग एकत्र हो गए थे, जिसके बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसके उपरांत मुस्लिम पक्ष के नौशाद, प्रवेज, यूनुस, जाकिर, दिलशाद, इरशाद, असलम और जाहिद, राशिद एवं सरफराज के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था, जबकि हिंदू पक्ष से सुनील दर्शन, कमल, संदीप, समनू, राजू, अनिल त्यागी, नीटू, मनोज, यादराम और राजेश कुमार जौहरी को नामजद किया गया था।
शहर कोतवाली पुलिस के अनुसार दोनों संप्रदाय के लोगों के विरुद्ध शहर कोतवाली में 15 अक्टूबर 2002 में आइपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 452, 323, 353 और 7 सीएलए एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। 20 वर्ष पुराने मुकदमे में नामजद भाजपा जिला मंत्री सुनील दर्शन के कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हुए थे। मंगलवार को वह अपने अधिवक्ता के साथ कोर्ट में पेश हुए थे और वारंट रिकॉल कराने की अर्जी लगाई, जिस पर जज ने उन्हें जमकर हडकाया। वह कई तारीखों से गैर हाजिर चल रहे थे। सीजेएम कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया।

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