मुज़फ्फरनगर में डीपीआरओ ऑफिस में ग्राम पंचायत सचिवों के तबादलों में हुआ बडा खेल, लाखों का हुआ लेनदेन, मंत्री से की शिकायत

 
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मुजफ्फरनगर। जिला पंचायतराज विभाग के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सचिवों के तबादलों में बडा खेल हुआ है। डीपीआरओ ऑफिस में तैनात एक लिपिक की कार्यशैली पर उंगलियां उठ रही हैं। चर्चा है कि ग्राम पंचायत सचिवों के तबादलों में लाखों रूपये का लेनदेन हुआ है। इस मामले को लेकर बडी संख्या में ग्राम प्रधानों व सचिवों ने केंद्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान से भी शिकायत की है।

उत्तर प्रदेश शासन के आदेशानुसार ग्राम पंचायतों में वर्ष  2022 में कलस्टर व्यवस्था लागू की जानी थी, लेकिन पूरे प्रदेश में 30  जून तक यह कार्य होने के बावजूद जनपद के डीपीआरओ व कार्यालय में तैनात एक लिपिक तबादलों को लेकर मोलभाव करने में लगे रहे और 30  जून की तिथि निकाल दी गयी। इसके बाद यह मामला कुछ समय के लिए लटका रहा और बीते दिवस आनन -फानन में उल्टे-सीधे आदेश जारी किये गये, जिसमें जिस सचिव की दाल गली, तो उसे एक साथ तीन-तीन कलस्टर दिए गए तथा जिनका कोई मोलभाव नहीं हुआ, उन्हें एक ही गांव दिया गया। आरोप है कि डीपीआरओ ऑफिस में तैनात एक लिपिक ने यह पूरा खेल खेला है और जिस ग्राम पंचायत सचिव ने जेब गरम की उसे उसी हिसाब से गांव दिए गए हैं।

चर्चा है कि कई ग्राम पंचायत सचिवों पर इतनी मेहरबानी की गयी है कि उन्हें 8-10  गांव दे दिए गए, जबकि अधिकतर सचिवों को एक-एक गांव ही दिया गया है। इस मामले को लेकर कुछ ग्राम प्रधानों व सचिवों ने नाराजगी जतायी और डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह व लिपिक अशरफ अली की शिकायत डा. संजीव बालियान से की है।

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