प्रदूषण बोर्ड के तुगलकी फरमान पर आईआईए ने की सहयोग की मांग, रखी मांगें

 
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मुजफ्फरनगर। जनपद के लिंक रोड स्थित एक निजी रेस्टोरेंट में आईआईए मुज़फ़्फ़रनगर द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें IIA मुज़फ़्फ़रनगर के चेयरमैन विपुल भटनागर ने बताया कि एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबन्धन आयोग (CAQM) द्वारा विगत दो माह में अनेक तुकलगी फरमान जारी किये हैं, जिसके अन्तर्गत 1 अक्टूबर 2022 से एनसीआर क्षेत्र में Air Quality Index-300 से अधिक होने पर डीजल जेनरेटिंग के चलाने पर प्रतिबन्ध लागू हो जाएगें चाहे वह 5 किलोवाट का ही क्यों न हो।यह आदेश व्यवसाय व घरेलू पर भी लागू है। इस सम्बन्ध में उद्योगों की कुछ कठिनाईयाँ हैं। IIA चेयरमैन विपुल भटनागर ने कहा कि सीएक्यूएम को दिये गये ज्ञापन में उद्योगों की मुख्य रूप से सीएक्यूएम के निर्देशानुसार Air Quality Index 300 से अधिक होने पर एनसीआर क्षेत्र में केवल पीएनजी आधारित जेनरेटर चलाये जा सकते है जबकि पीएनजी की उपलब्धता अभी कुछ ही क्षेत्रों में है। अश्वनी खंडेलवाल ने कहा कि समस्याओं के समाधान में सहयोग के लिये आईआईए की मांग निम्नवत है।
1. दिल्ली एवं एनसीआर में जब तक GRAP लागू है, तब तक उद्योगों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सप्लाई करवाने की कृपा करें, जिससे जेनरेटर सेट का उपयोग कम से कम करना पड़े और वायु प्रदूषण नियंत्रण में रहे।
2. हमारी सरकार आज उद्योगों को 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति देने की बात करती है, अगर बिजली कटौती होती है तो उद्योगों को जेनरेटर मजबूरी में चलाना पड़ता है, जबकि जेनरेटर की यूनिट ग्रीड की यूनिट से 3 से 4 गुणा महँगी पड़ती है, अगर जेनरेटर नहीं चलाया तो उत्पाद सहित मशीन खराब हो जाएगी। अगर ऐसे में बिना पूर्व सूचना के विद्युत आपूर्ति बाधित होती है, तो उस विद्युत कम्पनी के अधिकारी की भी जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए। 
3. Air Quality Index 300 से ऊपर जाने पर उद्योगों को अपने जेनरेटर डिस्कनेक्ट करने और इन्डेक्स 300 से नीचे आने पर कनेक्ट करने की अनुमति प्रदान की जाये।

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