मुजफ्फरनगर में दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को तेजाब पिलाकर उतारा मौत के घाट, मासूम बच्चे लगा रहे अल्लाह से अपनी मां को वापस भेजने की गुहार

 
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मुजफ्फरनगर। दहेज लोभी ससुरालियों ने दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को तेजाब पिलाकर बेरहमी से मार डाला। ननिहाल में रह रहे मृतक विवाहिता के दोनों मासूम बच्चे रोज अल्लाह से अपनी मां को वापस भेजने की गुजारिश करते हैं। वहीं मृतक विवाहिता के स्वजन पिछले दो माह से सरकारी दफ्तरों के चक्कर पे चक्कर काट रहे हैं, फिर भी इंसाफ नहीं मिल पा रहा हैं। पीड़ित स्वजनों ने प्रदेश मुखिया से विवाहिता के दोषियों को सख्त सजा दिलवाए जाने की मांग की।

सोमवार को पुरानी तहसील मार्किट स्थित मीडिय़ा सैंटर पर मोहल्ला किदवई नगर निवासी पीड़ित गुलजार ने परिवार सहित पत्रकारों से वार्ता कर बेटी पर हुए जुल्म-ओ-सितम की कहानी को सुनाते हुए जिला प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई है। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति हारून एवं सास खैरून्निसा के द्वारा अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया गया था। आरोप है कि अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर तीन बार विवाहिता के साथ मारपीट कर घर से निकाला जा चुका था, जिसके बाद पंचायत एवं पुलिस प्रशासन की देखरेख एवं आश्वासन के बाद विवाहिता को ससुराल भेजा गया था, मगर दहेजलोभियों की भूख कम नहीं हुई, और लगातार दहेज को लेकर विवाहिता पर अलग-अलग तरीकों से ताने कसते रहें।

आरोप है कि हारून पंजाब में काम करता था। आरोप है कि हारून के द्वारा अपनी पत्नी तबस्सुम को मरा हुआ बताकर दूसरी लड़की से कोर्ट मैरिज कर ली गयी थी। कोर्ट मैरिज के बाद लड़की को पहली शादी एवं बच्चों की हकीकत सामने आने के बाद पहली पत्नि को रास्ते से साफ करने के लिए जीजा के साथ मिलकर यह रणनीति बनाई गई। आरोप है कि समझाने के बावजूद भी हारून नहीं माना और कहने लगा कि मैं एक तांत्रिक हूं मेरे लिए सभी कार्य संभव है। पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।

आरोप है कि हारून के द्वारा पीड़ितों का उत्पीड़न करते हुए कहा गया कि पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती, क्योंकि पुलिस के साथ हमारी अच्छी सांठगांठ हैं, एवं पैसे के बलबूते पर हम पुलिस को खरीद लेंगे, जिसके बाद पुलिसकर्मी आपकी न सुनते हुए केवल हमारी सुनेगें।

मृतक विवाहिता तबस्सुम उर्फ मोनी की मां हुस्ननरा द्वारा कहा गया कि पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन के द्वारा अगर इंसाफ नहीं दिलाया गया तो मैं प्रदेश मुखिया योगी आदित्यनाथ के आवास पर जाकर गुहार लगाऊंगी।उन्होंने कहा कि अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए एवं खुलेआम घूम रहे हत्यारों को सजा दिलाने के लिए मुजफ्फरनगर से लखनऊ तक पैदल जाकर योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर इंसाफ की गुहार लगाऊंगी।

वहीं पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन पर पैसे लेकर साठगांठ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चंद रुपयों के लालच में खाकी की आड़ में रुपए कमाने का धंधा बनाया हुआ है। आरोप है कि पुलिस प्रशासन को गरीब एवं मजलूम व पीड़ितों की सहायता करने एवं इंसाफ दिलाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा तैनात किया जाता है, मगर प्रदेश में काबिज भाजपा राज में भी गरीबों एवं मजलूमो का उत्पीडऩ खाकी धारियों के द्वारा किया जा रहा है।

गत 8 अक्टूबर को मृतक विवाहिता के साथ पति हारून सास खैरून्निसा एवं बहनोई नफीस के द्वारा जबरदस्ती तेजाब पिलाया गया था, जिसके बाद तबस्सुम उर्फ मोनी अस्पताल में तीन दिनों तक जिंदगी और मौत से लड़ती रही मगर तीन दिन बाद जिंदगी की जंग हार गई। आरोप है कि मंसूरपुर थाना से राकेश कुमार गौतम के द्वारा तबस्सुम के मरने से एक दिन पूर्व वीडियो बनाते हुए बयान लिए गए थे, जिसमें मृतका तबस्सुम उर्फ मोनी ने अपने पति हारून, सास खैरून्निशा एवं बहनोई पर जबरदस्ती तेजाब पिलाने का आरोप लगाया था, बावजूद इसके मंसूरपुर थाना के द्वारा रिपोर्ट दर्ज करने से इंकार कर दिया एवं फैसला करवाए जाने के लिए दबाव बनाने लगे।

आरोप है कि पुलिस प्रशासन खाकी की आड़ में धंधा करने पर उतारू हो गया है, जिसके चलते गरीबों की आवाज को दबाने एवं पैसों के बलबूते पर मुजरिम को खुलेआम घूमने के लिए छोड़ा जा रहा है।

प्रेस वार्ता के दौरान नूरजहां, हुस्ननरा, सफीक अहमद, गुलजार, तस्लीम, रिहान एवं अयान आदि उपस्थित रहे।

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