मीनू त्यागी गैंग के सदस्य पर बेईमानी से संपत्ति हड़प लेने के आरोप, पुलिस नहीं कर रही सुनवाई, पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार

 
आंजकबि

 

मुजफ्फरनगर। जनपद के ग्राम पावटी से एक व्यक्ति ने मीनू त्यागी गैंग के सदस्यों पर बेईमानी से संपत्ति हड़प लेने का आरोप लगाया है और न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि मीनू गैंग के सदस्यों द्वारा उसकी संपत्ति पर जबरदस्ती कब्जा कर लिया गया है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन कहीं से कोई आश्वासन नहीं मिलने के कारण निराश हो चुका है। उसका कहना है कि यदि उसके साथ कोई भी अनहोनी होती है उसके जिम्मेदार स्थानीय पुलिस और मीनू त्यागी गैंग का सदस्य दिलशाद होगा।

मामला पावटी गांव से जुड़ा है। जहां हाल ही में विक्की त्यागी के पिता द्वारा मुनादी करके दलित समाज के प्रति जातिगत टिप्पणी की गई थी। जिसके कारण पुलिस ने विक्की त्यागी के पिता व मुनादी करने वाले व्यक्ति को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। वहीं आज फिर विक्की त्यागी की पत्नी मीनू त्यागी के सक्रिय गैंग द्वारा किया गया एक और कारनामा सामने आया है।

शुक्रवार को पावटी खुर्द थाना चरथावल निवासी अनीस पुत्र श्री अब्दुल करीम ने मीडिया सेंटर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपनी पीड़ा सुनाई। उसका कहना है कि वह अत्याधिक गरीब, कमजोर व विक्लांग व्यक्ति है तथा काफी कम पढ़ा लिखा है । गांव पावटी के आपराधिक किस्म का व्यक्ति दिलशाद पुत्र मुस्तकीम जाल साजी ठगी व अवैध तरीके से सम्पत्तियों पर कब्जा करता है जिस पर आपराधिक केस भी चल रहा है तथा उक्त दिलशाद मीनू त्यागी गिरोह का सक्रिय सदस्य है। उक्त दिलशाद ने अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर कपट पूर्वक बेईमानी के आश्य से एक 100 /- रुपये के स्टाम्प पर उसके जाली हस्ताक्षर करके तथा उसका फोटो लगाकर कूटरचित विकय - पत्र तैयार किया तथा काम के सिलसिले में नोएडा जाने पर गांव  पावटी खुर्द के आवासीय मकान पर जबरदस्ती व गुण्डा गर्दी के बल पर अवैध कब्जा कर लिया। स्थानीय पुलिस उक्त दिलशाद के प्रभाव व दबाब में है। 

उसने बताया कि दिलशाद ने उत्पीडन करते हुये गांव में घुसने पर जान से मारने व झूठे मुकदमों में जेल भिजवाने की धमकी दे रखी है। उसका कहना है कि किसी भी सक्षम अधिकारी के यहां से शिकायत करने के बावजूद आज तक कोई न्याय नहीं मिला है। अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मुझे कोई भी अप्रिय कदम उठाना पड सकता है जिसमें मेरी जान भी जा सकती है जिसकी जिम्मेदारी उक्त दिलशाद व स्थानीय पुलिस प्रशासन की होगी। पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई है।

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