देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल हुआ मुजफ्फरनगर, बेखबर है प्रदूषण विभाग 

 
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मुजफ्फरनगर। देश के सर्वाधिक प्रदूषित जिलों में शामिल जनपदों में मुजफ्फरनगर का भी नाम सूची में दर्ज हो चुका है। प्रदूषण विभाग जिले को कागजों में चमका कर इति श्री करने तक ही सीमित है। मुजफ्फरनगर में 28 प्रदूषण रहित टायरों को जलाकर तेल निकालने वाली फैक्ट्रियां लगातार जारी हैं और शहर की आबोहवा में जहरीला धुँआ फैलाने का काम लगातार कर रही है। लेकिन उसके अलावा भी अन्य राज्यों से आने वाली प्रदूषित पॉलिथीन कचरा वेस्ट मुजफ्फरनगर की इंडस्ट्रीज में लगातार जलाया रहा है, जिसको लेकर कई बार मुजफ्फरनगर से लेकर लखनऊ तक भी आरटीआई एक्टिविस्ट व मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी लोग शिकायत दर्ज करा चुके हैं। लेकिन मुजफ्फरनगर प्रदूषण विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है।
वही जनपद का नाम सबसे ज्यादा प्रदूषित जिलों की सूची में आने पर भी प्रदूषण विभाग के अधिकारी अंकित सिंह का कहना है कि राजस्थान में धूल से उठने वाली हवा का रुख गर्मियों में पश्चिम क्षेत्र की तरफ बढ़ जाता है जिस कारण प्रदूषण बढ़ा है जबकि जनपद में चल रही जहरीली फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुए से जिले की आबोहवा पर फर्क नहीं पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि नेशनल हाईवे 58 के आसपास भी प्रदूषण ज्यादा रहता है उसके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को विभाग द्वारा एक लेटर भी लिखा जा चुका है, जिसमें कहा गया है कि वह हाईवे के आसपास कच्ची सड़कों पर विभाग स्मोग गन व पानी का छिड़काव कराते रहे जिससे नेशनल हाईवे पर प्रदूषण कम हो और दुर्घटनाओं में कमी आये। बता दें कि प्रदूषण विभाग के अधिकारी शिकायत मिलने पर मौके पर जाते तो है, लेकिन कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति होती है इसी कारण से मुज़फ्फरनगर का नाम देश के सबसे प्रदूषित जिलों की सूची में शामिल हो चुका है।

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