किसान-मजदूरों की आवाज सुनें मोदी, उनके भविष्य के बारे में कुछ अच्छा सोंचे: नरेश टिकैत

सिसौली में भाकियू की मासिक किसान पंचायत में भाकियू अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री पर साधा निशाना
 
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सिसौली। भारतीय किसान यूनियन सुप्रीमो चौधरी नरेश टिकैत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन पर बधाई देते हुए कहा कि भगवान नरेंद्र मोदी को लंबी आयु प्रदान करें और साथ ही नरेन्द्र मोदी को शुद्ध बुद्धि दे, जिससे वह किसान, मजदूरों की आवाज को सुन, उनके भविष्य के बारे में कुछ अच्छा सोच सकें।

भारतीय किसान यूनियन की मासिक पंचायत आज किसान भवन स्थित किसान संग्रहालय में हुई। आज की  मासिक पंचायत स्व. चौधरी महेंद्र सिंह के जन्मदिन 6 अक्टूबर किसान जागृति दिवस के ऊपर केंद्रित रही। पंचायत को संबोधित करते हुए चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि इस समय किसान की हालत सबसे खराब है। चौधरी नरेश टिकैत ने बताया कि 2014  में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में घोषणा की थी कि  केंद्र ने हमारी सरकार बनवा दो, हम गन्ने का भाव 450 रु प्रति कुंतल कर देंगे, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में आठ वर्ष बाद भी किसान के गन्ने का भाव 350 रुपए प्रति कुंटल पर अटका पड़ा है। चौधरी नरेश टिकैत ने 1967 को आधार वर्ष मानकर  2022 से आमदनी की तुलना करते हुए  बताया कि किसान की  हालत कितनी दयनीय है कि 1967 में एक क्विंटल

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गेहूं में 200 लीटर डीजल आता था, जबकि आज 20  लीटर डीजल ही आता है। ऐसे ही सभी फसलों से इस अंतर को बताते हुए कहा कि आज व्यापारी खुशहाल है, जबकि किसान बदहाल है। अगर महंगाई दर बढ़ी है, तो वह किसान के लिए भी बढनी चाहिए न कि पूंजीपतियों व व्यापारियों के लिए। व्यापारी वर्ग पर महंगाई बढऩे का कोई असर नहीं पडता। चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि मुगल काल में भी 10 प्रतिशत गद्दार  थे, जब अंग्रेज आए तब भी गद्दार थे। आज हम किसान संगठन चला रहे हैं, तो 10 प्रतिशत लोग किसान संगठन में भी मौकापरस्त है। जिन गद्दारों ने किसानों को धोखा दिया है उनका नाम इतिहास में गद्दारों के रूप में ही लिया जाएगा। 13 महीने चले आंदोलन में इन गद्दारों ने किसानों के नाम से पैसों की बहुत बड़ी लूट मचाई थी, जिसका संगठन में भी कोई भी लेखा-जोखा नहीं है।
 चौधरी टिकैत ने बताया कि किसानों को अपनी फसलों का वाजिब दाम मिल जाए तो किसान खुशहाल बन सकता हैं। किसानों को बिजली फ्री नहीं चाहिए, लेकिन अगर दाम वाजिब हो, तो किसानों को बिजली का बिल देने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।  सरकार किसानों के साथ धोखे की राजनीति कर रही है, किसान संगठन में फूट डालकर अगर सरकार सोचती है कि वह किसानों का शोषण करेगी, तो यह उसकी भूल है। आज किसान अपने भले बुरे की पहचान कर सकता है। इसलिए संगठन में एकता बनाए रखें, मजबूती से अपना पक्ष रखें और अपने हक की लड़ाई ईमानदारी से लड़ते रहे, तभी यह किसानियत और जमीन बच पाएगी अन्यथा सरकार की निगाह किसानों को बर्बाद करने और उनकी जमीन को हड़पने पर लगी हुई है।

किसान जागृति दिवस पर मुख्य कार्यक्रम किसान भवन सिसौली में होगा, जिसमें सभी किसान भाई अधिक से अधिक संख्या में  किसान भवन पर उपस्थित रहेंगे। किसानों द्वारा बाहर से आने वाले किसानों के लिए खाने व पानी आदि के लिए भंडारे की व्यवस्था की जाएगी। चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसी गाड़ी या किसी भी बैनर पर भारतीय किसान यूनियन के आगे टिकैत शब्द का प्रयोग सबसे बड़े अक्षर में किया जाए, जिससे दूर से ही संगठन का पता चल जाए। आज किसान भवन में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों किसानों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले किसानों को युवा किसान नेता चौधरी गौरव टिकैत ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। आज पंचायत में अनुराग चौधरी जिला अध्यक्ष मेरठ,  कमल मित्तल,हर्ष चहल, शुभम मलिक, धीरज लाटियान, अशोक घटायन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मैनपाल, कुलदीप सिंह जिलाध्यक्ष बिजनौर, विकास शर्मा, इंद्रपाल बागपत, अभिजीत बालियान, विशाल बालियान, नाजिम आलम आदि मौजूद रहे। पंचायत की अध्यक्षता ठाकुर जगत सिंह और संचालन ओमपाल मलिक ने किया।

 

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