मुजफ्फरनगर में चारों एफआरयू पर होगा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्लस दिवस का आयोजन
 

 
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मुजफ्फरनगर। जनपद में शनिवार (24 सितंबर) को जनपद की चारों फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्लस दिवस का आयोजन किया जाएगा। जिला महिला चिकित्सालय, जानसठ, खतौली और बुढ़ाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इस विशेष दिवस का आयोजन होगा। इसके तहत गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) की पहचान, पोषण, परिवार नियोजन तथा प्रसव स्थान के चयन के बारे में काउंसलिंग की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. महावीर सिंह फौजदार ने बताया-सुरक्षित मातृत्व पर सरकार का विशेष जोर है, दरअसल सुरक्षित मातृत्व मां और शिशु, दोनों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। इसलिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को विस्तार देते हुए चारों फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) पर 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया हर माह की नौ तारीख को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस का आयोजन यथावत होता है। सीएमओ ने गर्भवती महिलाओं से अपील की है कि वह प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्लस दिवस के अवसर पर एफआरयू पहुंचे और लाभ उठाएं।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एसीएमओ (आरसीएच) डा. राजीव निगम ने बताया -गर्भावस्था में जब जटिलताओं की संभावना अधिक होती है तो, उस गर्भावस्था को हाई रिस्क प्रेगनेंसी (उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था) में रखा जाता है और इसका पता लगाने के लिए प्रशिक्षित चिकित्सक के द्वारा प्रसव पूर्व सम्पूर्ण जांच कराना बहुत जरूरी होता है, जिससे समय रहते इसका पता लगाकर, उससे होने वाले खतरों से गर्भवती को बचाया जा सके। उन्होंने बताया विभाग का अधिक से अधिक गर्भवती की जांच करने का प्रयास रहता है। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को ज़िम्मेदारी दी गयी है कि वह अपने क्षेत्र की सभी गर्भवती को इस दिवस पर केंद्र पर लाकर उनकी जांच जरूर करवाएँ।
जिला कंसलटेंट (मातृत्व स्वास्थ्य) मौ0 जुनैद ने बताया – प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्लस दिवस पर महिलाओं को रक्त, मूत्र, रक्तचाप, शुगर और पेट की जांच के साथ ही अल्ट्रासाउंड की सेवा दी जाएगी। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्लस दिवस का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार लाने के साथ सेहत के प्रति जागरूक करना है।

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