मुज़फ्फरनगर में नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में तांत्रिक को उम्रकैद की सजा

 
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मुजफ्फरनगर। बहला फुसलाकर एक नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में एससी-एसटी कोर्ट ने दोषी तांत्रिक को उम्रकैद की सजा सुनाई है और उस पर दस हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया है। विशेष लोक अभियोजक यशपाल सिंह व सहदेव सिंह ने बताया कि शामली जनपद के कस्बा बनत निवासी एक व्यक्ति की 17 वर्षीय बेटी रात के समय अचानक गायब हो गई थी, इस मामले में 30 दिसम्बर 2013 को पीडिता के पिता ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि उसकी 17 वर्षीय पुत्री विगत रात्रि में गायब हो गई। पीडिता के पिता ने यह भी बताया कि उसके घर में यशवीर उर्फ एशवीर निवासी काकोर थाना छपरौली जनपद बागपत आकर झाड-फूंक करता था और उसकी नाबालिग पुत्री का बहला फुसलाकर अपहरण कर ले गया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए नामजद मुकदमा दर्ज कर आरोपी तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया था और उसकी निशानदेही पर नाबालिग को बरामद कर लिया था। अपने बयान में पीडिता ने बताया कि उसे एक बहला फुसलाकर एक अनजान स्थान पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। विवेचना के बाद आरोपी के विरूद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। मामले की सुनवाई विशेष एससी-एसटी निवारक कोर्ट के जज जमशेद अली ने की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी तांत्रिक को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और दस हजार का जुर्माना भी लगाया है।

 

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