जोशीले अंदाज में दौडे रामपुर के नौजवान, 5 हज़ार से अधिक ने आजमाई किस्मत, मैदान में पानी भरने से कई फिसले

 
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मुजफ्फरनगर। अग्निवीर सेनाभर्ती रैली के दौरान आज तीसरे दिन रामपुर की सभी 6 तहसीलों के लगभग 5 हजार अभ्यर्थियों ने अपना भाग्य आजमाया, लेकिन इन युवाओं पर बारिश की आफत बनी रही। बारिश के कारण रात से सवेरे तक इस युवाओं को गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ा। दौड़ के लिए चयनित युवाओं से प्रक्रिया पूरी कराने के लिए सैन्य कर्मियों और पुलिस प्रशासन को भी बारिश में पसीना बहाना पड़ा, लेकिन रामपुर के इस नौजवानों का जोश सारी अव्यवस्थाओं पर भारी पड़ा और बारिश के पानी से लबालब मैदान तथा कीचड़ की फिसलन को इन युवाओं ने अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया। बारिश के कारण दो दिनों के मुकाबले आज की सेना भर्ती में रामपुर जनपद के अभ्यर्थियों की उपस्थिति भले ही कम रही हो, लेकिन इन युवाओं का जोश सातवें आसमान पर नजर आया। इनके जोश ने सैन्यकर्मियों को भी भर्ती पूरी कराने के लिए प्रेरित किया और बार-बार बारिश की बाधाओं के बीच ही सैन्य कर्मचारी आज की भर्ती को पूरी कराने में सफल हो सके।

स्थानीय स्पोटर्स स्टेडियम में अग्निपथ योजना के तहत चल रही अग्निवीर सेना भर्ती रैली के दौरान बारिश के कारण व्यवस्थाओं पर पानी फिर गया। इसी कारण भर्ती रैली की प्रक्रिया करीब दो घंटे देरी से शुरू की गयी। दो दिन की हुई भर्ती में नोएडा और हापुड़ के

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अभ्यर्थियों को रात्रि में 12 बजे से एंट्री दी गयी, लेकिन बारिश के कारण रामपुर के अभ्यर्थियों को एक बजे तक मैदान पर एंट्री का इंतजार करना पड़ा, इसके बाद अभ्यर्थियों को शेड के नीचे बैठाया और करीब एक घंटे के बाद उनकी हाइट चैक, वजन आदि की प्रक्रिया को पूरी करने के लिए दौड़ के लिए चयन किया। इसके बाद उनको ठहराव दिया  और अंदर स्टेडियम में पालिका के सफाई कर्मचारी सैन्यकर्मियों के साथ मिलकर मैदान को सुखाने और कीचड़ की फिसलन को कम करने के प्रयासों में बारिश के बीच ही जुटे रहे। ग्राउण्ड तैयार करने की मशक्कत के कारण भर्ती रैली में देरी होती रही।

रामपुर की छह तहसीलों रामपुर सदर, टाण्डा, स्वार, बिलासपुर, मिलक और शाहाबाद के अभ्यर्थियों का नम्बर रहा। सूत्रों के अनुसार इस जनपद से 5900 अभ्यर्थियों ने इस भर्ती के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन मौसम खराब होने के कारण इसमें से करीब 60 प्रतिशत अभ्यर्थी कम ही पहुंचे। नोएडा और हापुड़ के मुकाबले तीसरे दिन की भर्ती में युवा अभ्यर्थियों का संख्याबल भले ही कमतर रहा, लेकिन इनका जोश सातवें आसमान पर रहा। यही कारण था कि बारिश, कीचड़ और फिसलन के साथ ही मैदान के

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तालाब बन जाने के बावजूद भी नौकरी के ट्रैक पर सैनिक बनने की चाह ने युवाओं के कदमों को एक नई ताकत दी। सवेरे सात बजे तक भी दौड़ शुरू नहीं हो पाई थी। भर्ती में विफल होने वाले कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि सवेरे दो दौड़ करायी गयी और फिर से बारिश तेज होने के कारण दौड़ को रोक दिया गया। सभी अभ्यर्थियों को शेड के नीचे बैठाया था। आज कुल 10 दौड़ कराई गयी।

एआरओ मेरठ के निदेशक कर्नल सोमेश जायसवाल  ने बताया कि बारिश के कारण कुछ अव्यवस्था रही, लेकिन पालिका, पुलिस और प्रशासन के साथ सैन्यकर्मियों के सहयोग से सभी बाधाओं को दूर कर भर्ती रैली की प्रक्रिया पूरी की। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को शामली की तीन तहसीलों शामली सदर, ऊन और कैराना के अभ्यर्थियों का नम्बर है। दोपहर से ही अभ्यर्थियों के जिला मुख्यालय पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। स्थानीय भर्ती होने के कारण पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। सैन्यकर्मियों ने सुरक्षा बंदोबस्त  सख्त कर दिये हैं।

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