कीटनाशकों का संभलकर प्रयोग करें, अधिक से अधिक पेड़ लगाएं किसान: केपी मलिक

 
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मुजफ्फरनगर। प्रदेश के  वन पर्यावरण, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री के.पी. मालिक ने राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण हेतु चलाए जा रहे विभिन कार्यक्रमों की जानकारी दी तथा संगोष्ठी में उपस्थित समाज के सभी वर्गों के लोगों से पर्यावरण संतुलन हेतु अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की अपील की। साथ ही किसानों, वैज्ञानिकों, छात्रों को  कीटनाशकों के हो रहे अत्यधिक प्रयोग से आगाह किया। उन्होंने  कहा कि किसान कीटनाशकों का संभलकर प्रयोग करें, अधिक से अधिक पेड़ लगाएं। 

श्री मलिक आज मुज़फ्फरनगर में एक संगोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे। चौधरी छोटूराम कालिज में पर्यावरण संगोष्ठी एवं अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य एवं उ.प्र. वन्य जीव परिषद के सदस्य प्रो. नरेश मलिक ने की।संगोष्ठी का शुभारंभ मां सरस्वती के चरणों में पुष्प अर्पित व दीप प्रज्वलन से किया गया।

प्राचार्य डॉक्टर नरेश कुमार मलिक ने अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए  कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में सभी श्रोताओं को अवगत कराया। पर्यावरण संगोष्ठी के विषय गन्ना फसल में कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग के दुष्प्रभाव पर विभिन्न वैज्ञानिकों ने

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प्रकाश डाला। रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. इंद्रजीत सिंह ने गन्ने की फसल में कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से पर्यावरण पर होने वाले प्रतिकूल प्रभाव पर सभी का ध्यान आकृष्ट किया तथा इस विषय पर अपने विचार रखते हुए दूसरे वक्ता सहायक आचार्य, कृषि रसायन विभाग, डा. निधि लूथरा ने  मिट्टी, वायु व जल के माध्यम होने वाले  कीटनाशकों के दुष्प्रभाव पर किसान भाइयों को आगाह किया।

कार्यक्रम उपरांत महाविद्यालय परिसर में पीपल, बरगद एवं पिलखन के पौधों का रोपण मुख्य अतिथि द्वारा किया गया, महाविद्यालय के एनसीसी के कैडेट्स द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर, मेजर ढाका के नेतृत्व मे मुख्य अतिथि को दिया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में चीफ प्रॉक्टर डा. विजय कुमार, डा. ए. के. सिंह, डा. जीआर सिंह, डा. के पी सिंह, डा. अरुण कुमार, डा. आर के सिंह, डा. संदीप कुमार, डा. दुष्यंत कुमार, अभिषेक सिंह,  डा. जॉनी कुमार तथा इं. सुधीर कुमार तथा श्रीमती रेखा भवनानी व पुलित कुमार का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के संयोजक डा. ओमबीर सिंह तथा संचालन डा. रवीश कुमार वर्मा द्वारा किया गया। महाविद्यालय परिवार के सभी शिक्षक साथी एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

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