जिले के समस्त आगंनबाड़ी केंद्रों पर मनाया वजन दिवस

 
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मुजफ्फरनगर। कुपोषण का पता लगाने की चल रही सरकारी कोशिश लगातार जारी है। इसी क्रम में कुपोषित बच्चों की हकीकत जानने के लिए जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर मंगलवार को वजन दिवस मनाया गया। इस दौरान बच्चों का वजन और ऊंचाई नापी गयी और इसके महत्त्व के विषय अभिभावकों को जानकारी दी गयी। बाल विकास परियोजना अधिकारियों की निगरानी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने वजन करने के बाद कुपोषित बच्चों को पोषक आहार देने के विषय में अभिभावकों को जानकारी दी। जिले के सभी प्रखंडों में पंजीकृत बच्चों का वजन एवं ऊंचाई नाप कर कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की पहचान भी की गयी। साथ ही अति कुपोषित बच्चों को जिले के पोषण पुनर्वास केंद्र में संदर्भन के विषय में भी अभिभावकों को जागरूक किया गया।
उम्र के अनुसार सही वजन है जरूरी
जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश गौड़ ने बताया उम्र के हिसाब से बच्चे का वजन कम या ज्यादा है तो उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां हो सकती हैं। सही वजन बच्चों को स्वस्थ रखने के साथ साथ कई बीमारियों से भी दूर रखता है। इसलिए उम्र के मुताबिक सही वजन की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। जन्म के समय जिन बच्चों का वजन दो किलोग्राम से कम रहता है उन बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इसकी वजह से संक्रमण तेजी से फैलता है एवं कई प्रकार के रोगों से बच्चे को खतरा बना रहता है। सामान्य स्थिति जन्म के समय ढाई किलोग्राम से लेकर साढ़े तीन किलोग्राम तक के वजन वाले बच्चों को स्वस्थ माना जाता है। इसलिए समय समय पर बच्चों का वजन किया जाना बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को जिले के सभी 2052 आगंनबाड़ी केंद्रों पर वजन दिवस का आयोजन किया गया।
बौनापन कुपोषण की है पहचान
पोषण पुनर्वास केंद्र की प्रभारी डॉ. आरती नंदनवार ने बताया बच्चों में उम्र के हिसाब से लंबाई नहीं बढ़ने से बौनापन आता है। इससे शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता का ह्रास होता है और बच्चा बार-बार संक्रमण का शिकार होता है। सामुदायिक स्तर पर इसके विषय में जानकारी का अभाव है, इसके लिए जागरूकता बेहद जरुरी है। डॉ. आरती ने कहा कि यदि कोई बच्चा कुपोषित मिलता है तो उसके लिए पोषण पुनर्वास केंद्र बनाया गया है जहां बच्चे को भर्ती करके इलाज किया जाता है जिससे बच्चे को कुपोषण से उबरने में मदद मिलते ही। सही समय पर कुपोषित बच्चों को इलाज के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती करवाएं।

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