मुजफ्फरनगर में रामलीला टिल्ला पर निर्माण से पहले ही सडक के शिलान्यास का लगा पत्थर, लोगों ने किया विरोध

 
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मुजफ्फरनगर। विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के पश्चात जनप्रतिनिधि जनता के बीच खुद के द्वारा किये गये विकास कार्यों का लेखा-जोखा लेकर पहुंच रहे हैं और समर्थन मांग रहे हैं, लेकिन मुजफ्फरनगर में एक अजीब घटना सामने आयी है, जहां पर मौहल्ला रामलीला टिल्ला में सडक का निर्माण नहीं हुआ और दो टूटी-फूटी सडकों पर शिलान्यास का पत्थर भी दीवार पर चस्पा कर दिया गया। इस बात का पता चलते ही मौहल्लेवालों ने विरोध किया और एक पत्थर को उतारकर फेंक दिया, जबकि दूसरा पत्थर मजबूती से दीवार पर चिपका होने के कारण नहीं उतर सका। जानकारी के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र के मौहल्ला रामलीला टिल्ला में नगरपालिका परिषद के वार्ड 4 के अंतर्गत गली-5 व 6 में आज एक अजीब मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि दोनों गलियों की सडकें उखडी पडी हैं और उन पर पैदल चलना भी मुश्किल है, लेकिन सत्तारूढ भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने सडक निर्माण पूर्ण दिखाकर अपने नाम के पत्थर चस्पा कर दिए। इस मामले को लेकर मौहल्लेवालों ने जमकर हंगामा किया और एक पत्थर को उखाड फेंका, जबकि दूसरा पत्थर अभी दीवार पर ही लगा हुआ है। दोनों सडकों के निर्माण होने वाले पत्थर में केेंद्रीय मंत्री व सांसद डा. संजीव बालियान तथा उप्र सरकार में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार व नगर विधायक कपिलदेव अग्रवाल का भी नाम लिखा है। मौहल्लेवालों ने दोनों जनप्रतिनिधियों के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। बताया जा रहा है कि यह पत्थर आचार संहिता लगने से पहले ही चस्पा कर दिए गए थे, लेकिन फिर चुनावी घोषणा हो गयी और गलियों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका, जिसे लेकर मौहल्लेवालों में आक्रोश भरा हुआ है।

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