ट्रेन रोकने का मामलाः राज्यमंत्री कपिल देव पर आरोप तय, विधायक उमेश मलिक सहित आठ नामजद

 
न

मुजफ्फरनगर। जनपद की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने मंगलवार को व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल, बुढाना विधायक उमेश मलिक, पूर्व विधायक अशोक कंसल तथा भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला सहित आठ भाजपा नेताओं पर आरोप तय कर दिये। बता दें कि सभी नेताओं पर 2012 में इंजन पर चढ़कर हरिद्वार-पैसेंजर ट्रेन रोकने का आरोप है। जिसके तहत आरपीएफ ने धारा-147 तथा रेलवे एक्ट के तहत यह मुकदमा दर्ज कराया था।

बताते चले कि तीन अप्रैल 2012 को केन्द्र की किसान विरोधी नीतियों के विरोध में आंदोलन के आह्वान पर भाजपा नेताओं ने रेलवे स्टेशन पर जाकर हरिद्वार-पैसेंजर ट्रेन रोकी थी। आरपीएफ ने मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि मौजूदा व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल, मौजूदा विधायक उमेश मलिक, पूर्व विधायक अशोक कंसल, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल पंवार, मौजूदा भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, सुनील तायल, वैभव त्यागी, पवन तरार आदि सहित सैंकड़ों अज्ञात व्यक्ति रेलवे स्टेशन पर जाकर वहां पहुंची हरिद्वार-पैसेंजर ट्रेन पर चढ़ गए। जिससे रेल आवागमन बाधित हुआ।

इस मामले में विशेष लोक अभियोजक नरेन्द्र शर्मा तथा सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज ठाकुर ने बताया कि राज्यमंत्री सहित अन्य भाजपा नेताओं पर दर्ज कराए उक्त मुकदमें की सुनवाई विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है। विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट के जज अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय के आदेश पर राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, विधायक उमेश मलिक, पूर्व विधायक अशोक कंसल, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, सुनील तायल, पवन तरार, वैभव त्यागी आदि मंगलवार को कोर्ट में पेश हुए।

विशेष लोक अभियोजक नरेन्द्र शर्मा तथा सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज ठाकुर ने बताया कि मंगलवार को राज्यमंत्री कपिल देव सहित सभी सात आरोपियों पर कोर्ट ने 2012 के मुकदमे में आरोप तय कर दिये।

हरिद्वार-पैसेंजर ट्रेन रोकने के मामले में राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, विधायक उमेश मलिक सहित आठ आरोपियों ने 26 अगस्त को विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होकर जमानत कराई थी।

From around the web