मुजफ्फरनगर में शासन ने निर्धारित की निजी कोविड चिकित्सालयों में उपचार की दर

 
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मुजफ्फरनगर। प्रदेश शासन की ओर से निजी कोविड चिकित्सालयों में उपचार की दर निर्धारित कर दी गयी है। कोविड के दौरान उपचार में निजी चिकित्सालय द्वारा मनमानी फीस वसूली को रोकने के लिए शासन स्तर से यह कदम उठाया गया है। शहर और चिकित्सालय की श्रेणी के मुताबिक उपचार की दर निर्धारित की गयी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महावीर सिंह फौजदार ने बताया-अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद की ओर से निजी कोविड चिकित्सालयों के लिए रेट निर्धारण वाला शासनादेश भेजा गया है। शासनादेश के मुताबिक मुजफ्फरनगर जनपद को “बी” श्रेणी के शहरों में रखा गया है। जनपद में संचालित निजी कोविड चिकित्सालय “बी” श्रेणी के लिए निर्धारित रेट के हिसाब से ही उपचार का शुल्क वसूलेंगे और यदि कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित चिकित्सालय के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शासनादेश की प्रति जिलाधिकारियों व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को भेजी गई है।
शासनादेश के मुताबिक “ए” श्रेणी के शहरों में नेशनल एक्रिडिएशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल  (एनएबीएच) से मान्यता प्राप्त चिकित्सालय कोविड मरीजों को सपोर्टिव केयर, ऑक्सीजन और सहयोगी सुविधा के साथ आइसोलेशन बेड उपलब्ध कराने के लिए एक दिन के अधिकतम 10 हजार रुपए वसूल पाएंगे। इसके साथ ही शासन ने गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू बेड के लिए अधिकतम 15 हजार रुपए प्रतिदिन और वेंटिलेटर सुविधा के साथ आईसीयू बेड के लिए अधिकतम 18 हजार रुपए प्रतिदिन निर्धारित किए हैं। इसी के साथ शासन ने एनएबीएच से गैर मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों के लिए भी रेट तय किए हैं। “ए” श्रेणी वाले शहरों में ऐसे चिकित्सालय ऑक्सीजन और सहयोगी सुविधा के साथ आइसोलेशन बेड के लिए अधिकतम आठ हजार, आईसीयू बेड के लिए 13 हजार और वेंटिलेटर सुविधा के साथ आईसीयू बेड के लिए अधिकतम 15 हजार रुपए प्रतिदिन वसूल सकेंगे।
शासनादेश में कहा गया है कि “बी” और “सी” श्रेणी के शहरों में स्थित सुपर स्पेशिएलिटी चिकित्सालय उक्त दरों का क्रमशः 80 और 60 प्रतिशत शुल्क वसूल सकेंगे। शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि नि‌र्धारित कोविड चिकित्सालय के लिए यह शुल्क एक पैकेज है। इस पैकेज में कोविड केयर प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार प्रदान किए जाने के लिए बेड, भोजन, नर्सिग केयर, मॉनिटरिंग और इमेजिंग सहित अन्य आवश्यक जांच, चिकित्सक की विजिट आदि सुविधाएं सम्मिलित हैं। इतना ही नहीं को-मोर्बिड रोगियों का उपचार तथा अल्प अवधि की हीमो डायलिसिस की सुविधा भी पै‌केज में शामिल है। यह दर निर्धारण बच्चों के उपचार पर भी लागू है। रेमडेसिविर, टोसिलीजूमाव व विभाग द्वारा समय-समय पर घोषित की गई अन्य दवा इस पैकेज में सम्मिलित नहीं हैं।

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