आरक्षण की मांग को लेकर कश्यप समाज ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखा खून से पत्र

 
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मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश फिशरमैन कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला कलेक्ट्रेट पर 17 जातियों के आरक्षण एवं मत्स्य पालन बालू मौरंग के पट्टों के अधिकारों को लेकर चल रहे अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन के 32वें दिन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखा।
 फिशरमैन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र कश्यप ने कहा कि आज कश्यप समाज ने भाजपा की वादाखिलाफी से दुखी होकर अपने खून से पत्र लिखा कश्यप समाज ने भाजपा को चेतावनी दी कि यदि इस शीतकालीन सत्र मे सरकार ने हमारा आरक्षण लागू नहीं किया तो भाजपा के किसी भी नेता को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। और कश्यप समाज एक भी वोट भाजपा को नहीं देगा।
प्रदेश प्रमुख महासचिव सुरेश पाल कश्यप ने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस पार्टी की सरकार ने मछुआ समुदाय के लिए बहुत सारे ऐतिहासिक निर्णय लिए है मछुआ समुदाय को मजबूत करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने मछली पालन के लिए तालाब के पट्टे मछुआ समुदाय के लोगों के नाम आरक्षित किए। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी ने नदियों के किनारे की जमीन सब्जी की खेती करने के लिए कश्यप निषाद समाज के लोगों के  नाम की, लेकिन 32 साल से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार न होने के कारण सपा, बसपा, भाजपा की सरकारों ने मछुआ समुदाय के लोगों के पुश्तैनी धंधों को कमजोर करने का काम किया और उनके पुश्तैनी धंधों पर माफियाओं का कब्जा हो गया।
प्रदेश उपाध्यक्ष कांग्रेस पिछड़ा विभाग जयभगवान कश्यप ने कहा कि मुलायम सिंह यादव एवं अखिलेश यादव ने 17 जातियों के आरक्षण के नाम पर इन जातियों को गुमराह कर वोट लेने का काम किया । 10 अक्टूबर 2005 को केंद्र की कांग्रेस सरकार के तत्कालीन मंत्री प्रकाश जयसवाल के 17 जातियों के प्रस्ताव को आगामी सत्र में सदन में पास करने के बयान के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने उसी दिन 17 जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का असंवैधानिक शासनादेश जारी कर दिया। जो शासनादेश बसपा नेताओं की याचिका पर 20 दिसंबर 2005 को हाईकोर्ट ने रोक दिया। 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने 17 जातियों के आरक्षण प्रस्ताव को केंद्र से  वापिस मंगवा लिया। और मछुआ समुदाय के श्रेणी- 3 के पट्टे निरस्त करने का काम किया। खून से पत्र लिखने वालों में मुख्य रूप से  जयभगवान कश्यप, मनोज कश्यप, संजीव कश्यप, आनंद कश्यप, सोमपाल कश्यप, राजीव कश्यप, रामबीर कश्यप, डॉ रविन्द्र कुमार पाल, सौरभ कश्यप, भोपाल कश्यप, बॉबी कश्यप, अंकुश कश्यप, विशाल कश्यप, अंकुश कश्यप,अश्वनी कुमार, सतवीर कश्यप, अजय कश्यप आदि  लोग उपस्थित रहे।

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