मुज़फ़्फ़रनगर में हत्या के मामले में सुनाई उम्रक़ैद, 40 हज़ार का जुर्माना भी लगाया

 
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मुजफ्फरनगर। मुज़फ़्फ़रनगर की एससीएसटी कोर्ट ने आज हत्या के एक मामले में  उम्रक़ैद की सजा सुनाई है और  40 हज़ार का जुर्माना भी लगाया हैं। अभियोजन के अनुसार 10 अप्रैल 2017 को मंसूरपुर थाने पर वादी सतीश कुमार ने अपने 17 वर्षीय पुत्र अरुण की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उसके पुत्र को पडोसी काजू उर्फ राजकुमार पुत्र करणवीर व किशन पुत्र वीरेंद्र अपनी बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गए और तभी से उसका फोन बंद आ रहा था, इसके बाद 12 अप्रैल को दोनों आरोपी गिरफ्तार कर पुलिस ने पूछताछ की, तो दोनों ने स्वीकार किया कि अरुण की हत्या कर शव गंंगनहर में फेंक दिया है। हत्या में कपिल व मोनू ने सहयोग किया। अरुण की लाश 15 अप्रैल को बरामद की गई  थी। पूछताछ में काजू उर्फ राजकुमार ने स्वीकार किया कि अरुण का कपिल की बहन से प्रेम-प्रसंग चल रहा था, जिस कारण अरुण की हत्या की गई है। यह मामला विशेष न्यायालय एससीएसटी कोर्ट में चला। मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय एससीएसटी के जज जमशेद अली ने हत्यारोपी काजू उर्फ राजकुमार को 7 वर्ष की सजा सुनाई है और 40 हजार का जुर्माना भी किया गया है। शासकीय अधिवक्ता यशपाल सिंह व लोक अभियोजक सहदेव सिंह ने पैरवी की।

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