कैराना में प्रशासन की कार्रवाई से प्रोपर्टी डीलरों में मची खलबली 

 
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कैराना। नगर में मुख्यमार्ग से लिंक मार्ग व किनारों पर स्थित तमाम मोहल्लों में जारी अवैध प्रोपर्टी के विशाल खेल में शामिल डीलरों में तहसील प्रशासन की सांकेतिक कार्रवाई व एसडीएम की ओर से तमाम मानकों को पूरा नहीं करने पर बड़ी कार्रवाई की चेतावनी से  हड़कंप मचा हुआ है। वही वर्षों से डीलरों के संग मिलकर कार्य करने वाले एवं अधिकारियों में रसूख रखने वाले ठेकेदार कार्रवाई से बचाने का झूठा दिलासा दे रहे है।

नगर में स्थित अवैध कालोनियां युद्ध स्तर पर काटी जारही है। प्रशासन की छत्र छाया या संरक्षण में यह कारोबार खूब फल फूला है। जिसके चलते इसकी जड़ें कांधला मार्ग से लेकर नगर के चारों ओर फहल गई है। रखवाली व पहरेदारी करने वालों की भी लाखों करोड़ों के खले में खूब आर्थिक स्थित मजबूत हो गई है। जिला प्रशासन कि ओर से अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए नगर के चारों ओर काटी जा रही कालोनियों की सूची तैयार की गई है। पचास कालोनियों में से एक भी वैध नहीं पाई गई है। सूची को तहसीलदार कैराना द्वारा जिला प्रशासन को प्रेषित कर दिया गया है। तहसील में तैनात लेखपाल ने अधिकतर कालोनियों की एसडीएम कोर्ट में धारा 80 के तहत फाइल संचालित करा दी है। अवैध कालोनी वासियों को राहत दिलाने के लिए सरकार से पैरवी में जुटा है। वही गत मंगलवार को एसडीएम शिवप्रकाश यादव की ओर से टीम गठित कर अवैध कालोनियों पर आंशिक बुलडोजर चलवाकर सांकेतिक कार्रवाई की गई है। एसडीएम ने कहा है कि एमडीए, तहसील, नगरपालिका, अग्निशमन आदि सभी विभागों के तमाम मानक पूरे होने के बाद कागजात वाली कालोनी ही कार्रवाई से बच पाएगी। अन्यथा सभी पर जल्द बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम की चेतावनी से डीलरों में हड़कंप

एसडीएम ने तहसील क्षेत्र में तेजी से अवैध कालोनी की फेल रही जड़ो को रोकने व उन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नगरों व महानगरों के अनुरूप एवं जायज रूप से मानक पूरे नहीं करने वाली सभी कालोनियों पर जल्द बड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। जिसके चलते नगर में मौजूद सभी कालोनी के डीलरों के पैरों के नीचे की जमीन खिसक गई और हड़कंप मचा हुआ है।
विभागों में रसूख रखने वाले ठेकेदार दे रहे दिलासा

वर्षों से अवैध कालोनियों के संचालकों के साथ लाखों करोड़ों कमाने वाले एवं विभागों में तालमेल  बनाकर इस खेल को सजाने वाले ठेकेदार अभी भी अधिकारियों से सेटिंग कराने के नाम पर डीलरों को झूठा दिलासा दे रहे है। हालांकि इस बार इन ठेकेदारों की चापलूसी व साठगांठ अधिकारियों के तेवर व निष्पक्ष कार्रवाई के आगे बेबस नजर आ रही है।

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