शामली में खनन प्वाइंट पर पहुंची प्रशासन की टीम,मचा हड़कंप

 
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शामली। जनपद के कैराना में यमुना खादर क्षेत्र के गांव मंडावर में प्रशासन ने 5 साल के लिए नियमानुसार रेत खनन करने के लिए पट्टा आवंटित कर रखा हैं। वैध पट्टे की आड़ में एनजीटी की गाइडलाइन के विरूद्ध पॉर्कलेन मशीनों से यमुना नदी की जलधारा मोड़ने और खनन करने की वीडियो वायरल हुई थी। जिसके बाद डीएम जसजीत कौर ने संज्ञान लेते हुए जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया था।जिसमे एडीएम द्वारा अन्य प्रसानिक अधिकारियों के साथ खनन प्वाइंट पर छापेमारी की है। जिला प्रशासन की छापेमारी से खनन माफियाओं में हड़कंप मच रहा है।
आपको बता दें कि डीएम के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार ने जिला खनन अधिकारी वशिष्ठ यादव, उपजिलाधिकारी कैराना शिवप्रकाश यादव व राजस्व टीम के साथ कैराना थाना क्षेत्र स्तिथ मंडावर में खनन स्थल पर छापेमारी की। इस दौरान उन्होंने आवंटित खनन पट्टे के क्षेत्रफल के बारे में जानकारी करते हुए सीमांकन पिलरों की जांच की, लेकिन मौके पर पिलर ही नहीं मिले। यमुना नदी की बहती जलधारा और खदान का भी जायजा लिया गया। इसके बाद एडीएम ने खनन स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी तथा ठेकेदार को खनन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया, तो वह कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सका। इसके अलावा एडीएम ने खनन स्थल पर रेत के वाहनों के माप-तौल के लिए लगाए गए कांटे पर डंफर चढ़ाकर जांच की, लेकिन माप-तौल सिस्टम चालू नहीं पाया गया और न ही ऑपरेटर पर्ची निकाल सका। एडीएम ने खनन ठेकेदार को खनन से संबंधित समस्त दस्तावेज दिखाने तथा माप-तौल कांटे का सिस्टम चालू नहीं होने तक खदान के संचालन पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं।

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