बाबा राजेन्द्र मलिक नहीं है गठवाला खाप के चौधरीः बाबा महिपाल मलिक

 
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शामली। जनपद में पिछले माह गांव हसनपुर निवासी रिटायर्ड पुलिस कर्मी को गठवाला खाप के नए थांबेदार बनाए जाने के बाद से ही गठवाला खाप चौधरियों में वाक युद्ध छिड़ा हुआ है। जहा करीब दो दिन पूर्व गांव हसंनपुर में आयोजित एक पंचायत में गठवाला खाप के चौधरी बाबा राजेन्द्र मलिक द्वारा रिटायर्ड पुलिस कर्मी को पहनाई गई गठवाला खाप थांबेदार की पगड़ी को अमान्य घोषित कर दिया था।वहीं आज गठवाला खाप के नए थंबेदार रिटायर्ड पुलिस कर्मी बाबा चौधरी महिपाल मलिक ने अपने बयान में गठवाला खाप चौधरी बाबा राजेन्द्र सिंह मलिक को फर्जी खाप चौधरी करार दे दिया। उन्होंने कहा कि बाबा राजेंद्र मलिक को उनकी पगड़ी अमान्य घोषित करने का कोई अधिकार नहीं है।
आपको बता दें कि मंगलवार को जनपद के गांव हसंनपुर में गठवाला खाप के नए थंबेदार चौधरी बाबा महिपाल मलिक द्वारा अपने आवास पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमे उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि बीती 31 अक्टूबर को उन्हें ग्यारह गांवों द्वारा गठवाला खाप का लिसाढ़ थांबे का थांबेदर बनाया गया था। उन्होंने कहा कि करीब दो दिन पूर्व उनके गांव में उनकी गैर मौजूदगी में बाबा राजेन्द्र सिंह मलिक द्वारा एक पंचायत का आयोजन किया गया था। जिसमे बाबा राजेन्द्र मलिक ने उनकी थंबेदार की पगड़ी को अमान्य घोषित कर दिया था। बाबा महिपाल मलिक ने कहा की चौधरी राजेन्द्र मलिक को उनकी थांबेदार की पगड़ी को अमान्य घोषित करने का कोई अधिकार ही नहीं है। बाबा राजेन्द्र मलिक गठवाला खाप के चौधरी नहीं है। उन्होंने कहा कि बाबा राजेन्द्र सिंह हरियाणा के गांव हुलाना जाकर बाबा बलजीत सिंह से अपना रिकार्ड दिखवाए अगर बाबा दलजीत सिंह कहते है। कि चौधरण पट्टी में चौधरी है। तो हम स्वीकार कर लेंगे। उन्होंने कहा कि हमने अपने सभी गांवों और थांबेदरो से बात की है। सबका यही कहना है। कि बाबा राजेन्द्र मलिक गाठवाला खाप के चौधरी नहीं है। हालाकि इस दौरान चौधरी महिपाल मलिक अपने द्वारा किए जा रहे दावे का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं दे पाए। वहीं इस पूरे मामले में गठवाला खाप के थांबेदार बाबा श्याम सिंह का कहना है। कि बाबा चौधरी महिपाल मलिक को ग्यारह गांव की सहमति से गठवाला खाप का थांबेदार घोषित किया था। बाबा राजेन्द्र मलिक को इस तरह उनकी पगड़ी को अमान्य घोषित करने कोई अधिकार नहीं है। अगर बाबा राजेन्द्र मलिक को आपत्ति थी तो उन्हें उसी दिन उसका विरोध करना चाहिए था। जब बाबा श्याम सिंह से गठवला खाप चौधरी की चौधरी पर सवाल उठाने वाले के बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि अगर कोई भी संशय वाली बात है। तो दोनों पक्ष हरियाणा राज्य के गांव हुला ना जाकर अपने रिकार्ड दिखवा सकते है। गठवला खाप के चौधरियों में छिड़ी ये जुबानी जंग अब कहा जाकर थमती है। सबकी निगाहें इसी पर टिकी हुई है।

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