शामली में आफत बनी बारिश, मकान की छत गिरी, तीन घायल

 
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शामली। शामली में 3 दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण एक मकान भरभरा कर गिर गया। मकान के मलबे में 3 लोग दब गए। मकान गिरने पर मची चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े और मकान के मलबे में दबे लोगों को किसी तरीके से बाहर निकाला। सभी घायलों को गंभीर हालत में शामली के जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया जहां से एक बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया है।
आपको बता दें कि जनपद शामली में बीते 3 दिनों से लगातार दिन-रात बारिश हो रही है जिसके चलते जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। भारी बरसात के चलते थाना बाबरी क्षेत्र के गांव चूनसा में एक मकान की छत भरभरा कर गिर गयी। मांगेराम उसकी पत्नी, तीन बच्चे और बूढ़ी मां एक मकान में रह रहे थे पिछले 3 दिन से हो रही लगातार बारिश से मांगेराम के मकान की छत भरभरा कर गिर गई जिसके नीचे मांगेराम के तीनों बच्चे दब गए जबकि उसकी पत्नी व मांगेराम किसी तरीके से मलबे से बाहर निकले। छत गिरने से धमाके की आवाज सुनकर आस-पड़ोस के लोग मांगेराम के मकान की तरफ दौड़े और कड़ी मशक्कत कर मलबे में दबे दोनों बच्चों को बाहर निकाला। वहीं घायल बच्चे मुकेश और पूजा को काफी चोटें आई हैं जिसमें पूजा की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे डॉक्टरों ने गंभीर हालत के चलते हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया है तो वही मांगेराम व उनकी पत्नी को भी चोटे आई है जिनका भी इलाज शामली के जिला चिकित्सालय में उपचार किया जा रहा है। हादसे के दौरान गमीनत यह रही कि दिन का समय था और अगर रात का समय होता तो शायद ही कोई बच पाता। मकान गिरने की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और मौके पर जाकर घर को देखकर आसपास के पड़ोस के लोगों से जानकारी ली।
पीड़ित मांगेराम के पड़ोसी ऋषिपाल ने बताया कि बारिश में इस मकान में बच्चे सो रहे थे सारा परिवार और ऊपर से सचिव टूट गया। बारिश की वजह से एक तरफ से पूरी की पूरी छत बैठ गई इसी कमरे में इनका सब कुछ सामान था। इसमें दो बच्चे तो पूरे मलबे में दब गए और एक महिला को चोट है और एक ऊपर जो छत पर था छोटा सा बच्चा वह भी ऐसे ही नीचे गिर गया। ऋषि पाल ने बताया कि यह बहुत गरीब आदमी है और इनका सब कुछ ही कमरे में था अब इनके पास कुछ भी नहीं बचा कि यह एक टाइम खाना भी बनाकर खा ले।

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