शामली में नगरपालिका में करोड़ों की दुकानों का घोटाला, 22 दुकानों के आबंटन का आरोप, बाबू बोला- चेयरमैन समेत सबको पता है !

 
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शामली। नगर पालिका शामली के सभासद व सभासद प्रतिनिधियों ने नगर पालिका की दुकानों को गलत तरीके से आवंटन करने का अन्य सदस्यों और कर्मचारियों पर लाखों करोड़ों रुपए का घोटाला करने का आरोप लगाया।  इस मामले में नगर पालिका कर्मचारी व सभासदों के द्वारा अपने व अपने सगे संबंधियों के लोगों के नाम 22 दुकानों के आवंटन करने का आरोप लगाया है। उक्त मामले में नगर पालिका के अधिशासी अभियंता ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है और पूरे मामले की गंभीरता बताई। उक्त मामले में सभासद व उनके प्रतिनिधियों ने ईओ से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

 मामला जनपद की शामली नगर पालिका का है जहाँ  नगर पालिका के करीब 4 सभासद व उनके प्रतिनिधियों ने माजरा रोड स्थित नगर पालिका की 22 दुकानों का चुपचाप बिना नीलामी किये नगर पालिका अन्य सभासद व नगर पालिका के बाबु लखमन पर दुकानों को अपने-अपने नाम व अपने रिश्तेदारों के नाम आवंटन कराने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नगर पालिका के नियम अनुसार नगर पालिका सभासद या उसका कोई भी कर्मचारी उनके सगे संबंधी जिनसे उनका ब्लड का रिलेशन है, वह दुकान या फिर सरकारी लाभ नहीं ले सकता। सभासद का कहना है कि हम लोग इस मामले में ईओ से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत करेंगे क्योंकि  चुपचाप बिना नीलामी किये दुकान आबंटित की गई है जबकि अगर नीलामी होती तो कई लाखों से लेकर करोड़ों तक रुपये इकट्ठा होते, जिससे राजस्व को लाभ होता और कुछ सरकारी काम होते।

इस मामले में नगर पालिका अधिशासी अधिकारी  का कहना है कि  दुकानों के आबंटन का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है इसकी जांच करा कर कार्रवाई की जाएगी और जो आरोप लगे हैं उस पर भी जांच के बाद कार्रवाई होगी।

उधर जिस बाबू पर आरोप लगे हैं उसका साफ तौर से कहना है कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि कोई उसका सगा संबंधी दुकान नहीं ले सकता। जिस जाति का कोटा होगा उस जाति का कोई व्यक्ति दुकान ले सकता है और दुकान की नीलामी हुई थी। वह कुछ दिनों बाद उसके आने पर अखबार की कटिंग दिखा देंगे और उक्त  मामले में चेयरमैन तक सबको पता है।

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