शामलीः कोरोना काल में 105 अनाथ व एकल हुए बच्चो को दिए गए स्वीकृति पत्र

 
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शामली। देश में कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2020 और 2021 में जिन बच्चों ने अपने माता-पिता और गार्जियंस को खोया है। उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रति बच्चे के हिसाब से 4000 की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। जिसमें अनाथ एवं एकल हुए बच्चों की पढ़ाई लिखाई और भरणपोषण हो सके। वही जनपद शामली में आज जिला कलेक्ट्रेट में जिला अधिकारी जसजीत कौर द्वारा मुख्यमंत्री योजना के तहत अनाथ एवं एक अन्य बच्चे को 4000 की स्वीकृत राशि के स्वीकृति पत्र दिए गए हैं।

वर्ष 2020 और 2021 में कोरोना महामारी ने ना जाने कितने बच्चों को अनाथ किया है और न जाने कितने बच्चों के सर से उनके गार्जियंस का साथ छीन लिया है। वही कोरोना काल में अनाथ एवं एकल हुए बच्चों के भविष्य को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनाथ एवं एकल बच्चों के भरणपोषण व पढ़ाई के लिए योजना चलाई गई है। जिसमें अनाथ एवं एकल हुए बच्चों के खाते में 4000 रुपये प्रति बच्चे के हिसाब से सहायता राशि दी जाएगी यह धनराशि लगातार बच्चों के खाते में जाती रहेगी जिससे अपने माता-पिता और गार्जियंस को खो चुके बच्चे अपनी पढ़ाई लिखाई और खानपान का सहयोग ले सके। वही जनपद शामली में आज जिलाधिकारी जसजीत कौर द्वारा 105 बच्चों को स्वीकृति पत्र दिए गए हैं।

कोरोना काल के चलते शामली में 105 अनाथ एवं एकल हुए बच्चों को दिए गए स्वीकृति पत्र के बारे में जिला अधिकारी जसजीत कौर का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान जिन बच्चों ने अपने माता-पिता और गार्जियंस को खोया है उनको उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 4000 की सहायता राशि सीधे उनके खाते में दी जा रही है और यह सहायता राशि लगातार उनके खाते में जाती रहेगी। जिससे अनाथ एवं एकल हुए बच्चो को पढ़ाई लिखाई एवं भरणपोषण में सहयोग मिल सके।

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