शामली में कोरोना वायरस का खात्मा करेगी अग्नि तपस्या? बाबा ने रमाई 41 दिन की धुनी

 
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शामली। कोरोनावायरस महामारी को भगाने के लिए हवन और यज्ञ के बाद अब तपस्याओं का दौर शुरू हो चुका है। जनपद के कस्बा गढ़ी पुख्ता स्थित शमशान घाट में एक साधु द्वारा कोरोनावायरस महामारी को विश्व से ख़त्म करने एवं कोरोनाकाल में मरने वाले लोगों की आत्मा शांति के उद्देश्य से 41 दिन की पंचधुनी ( अग्नि तपस्या) की जा रही है। जहां बाबा प्रचंड गर्मी की दोपहर में अपने चारों तरफ उपलों में अग्नि जलाकर तप कर रहे है। अब बाबा द्वारा की जा रही ये अग्नि तपस्या कहां तक सफल होती है ये देखने वाली बात होगी।

आपको बता दें कि जहां जून के माह की दोपहर में लोग धूप में निकलने से भी कतराते है। वहीं जनपद के कस्बा गढ़ी पुख्ता स्थित एक शमशान घाट में योगी बाबा कमल नाथ द्वारा भरी दोपहरी में अग्नि तपस्या की जा रही है। बाबा द्वारा अग्नि तपस्या किए जाने का उद्देश्य केवल इतना है कि वे विश्व से इस कोरोनावायरस महामारी को खत्म करना चाहते है। बाबा ने बताया कि इस कोरोना काल में न जाने कितने लोगों की मौत हुई है। किसी ने अपना बेटा खोया है किसी ने अपना पति जिससे बाबा की भावनाएं आहत हुई तभी उन्होंने इस महामारी को मिटाने एवं महामारी में मरने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए अग्नि तपस्या किए जाने का फैसला लिया। बाबा ने बताया कि आज उनकी तपस्या का आज आठवां दिन है और जब तक उनका तप चलेगा तब तक वे केवल फलाहार ही लेंगे। इससे पहले भी उनके द्वारा बहुत बार विभिन्न प्रकार की तपस्या हरियाणा,पंजाब आदि राज्यों में की जा चुकी है और जहां भी जिस किसी उद्देश्य से तपस्या की गई है वह पूर्ण भी हुई है। बाबा ने बताया कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि उनकी 41 दिन की अग्नि तपस्या के बाद विश्व से इस महामारी का विनाश होगा। वहीं कोरोना महामारी को मिटाने के लिए बाबा द्वारा की जा रही अग्नि तपस्या की क्षेत्रवासियों द्वारा प्रशंसा की जा रही है। वहीं बाबा द्वारा की जा रही यह अग्नि तपस्या कोरोनावायरस महामामारी का खात्मा कैसे कर पाती है ये अभी भविष्य के गर्भ में है।

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