एक तरफ उठ रही थी बहन की डोली, दूसरी तरफ भाई की मौत का मातम छाया 

 
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मोरना। थाना क्षेत्र के गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां पर बहन के विवाह के दिन ही उसके भाई ने बुखार के चलते दम तोड़ दिया,यह खबर जिसने भी सुनी उसकी आंखों में आंसू आ गए जहां एक तरफ बहन की डोली को विदा किया गया, वहीं दूसरी ओर भाई की अर्थी को कंधा दे अंतिम विदाई दी गई।

भोपा कस्बे के सुशील ने कुछ समय पूर्व अपनी बेटी तानिया की शादी तय की थी। रविवार को धूमधाम से बेटी की शादी होनी थी, लेकिन होनी को तो कुछ और ही मंजूर था, क्योकि होनी के आगे सभी मजबूर होते हैं। शादी के 1 दिन पहले ही सुशील के पुत्र वंश 12 वर्ष की तबीयत खराब हो गईं, जिसके चलते गांव में ही उसका इलाज चला, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। शनिवार की रात जब वंश की सांसें उखडऩे लगी, तो परिजन उसे मुजफ्फरनगर के निजी अस्पताल में ले गए, जहां से डॉक्टरों ने वंश को मेरठ ले जाने की सलाह दी रात्रि में ही परिजन वंश को इलाज के लिए मेरठ ले गए और वहां एक निजी अस्पताल में उसे भर्ती कराया। अगले दिन रविवार को बहन की शादी की तैयारियां चल रही थी। सुबह बारात आनी थी सभी बारात की अगवानी की तैयारी में लगे हुए थे। बारात आई, स्वागत हुआ, विवाह की रस्में पूरी की जा रही थी। इसी बीच वंश जिंदगी की जंग हार गया।

मौत की खबर से पल भर में खुशी का माहौल मातम में बदल गया। वंश की मौत की खबर ने वहां मौजूद सभी को झकझोर कर रख दिया। शादी में मौजूद लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। इसी बीच गांव के कुछ समझदार और बुजुर्ग सामने आए।  निर्णय हुआ कि परिवार में वंश की मौत की जानकारी न दी जाए और विवाह को संपन्न कराया जाये और डोली विदा की जाए। एक तरफ बहन की डोली विदा हुई और दूसरी तरफ भाई की अर्थी की तैयारी, यह मंजर देख वहां मौजूद लोग अपने आंसू नहीं रोक सके। ग्रामीणों का कहना था कि हमें परिवार की बेटी की डोली को भी विदा करना था, तो वहीं उसी परिवार के बेटे की अर्थी को कंधा देने की भी जिम्मेदारी थी। गांव में इसके पहले ऐसा मंजर कभी नहीं देखा था। वंश की मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।

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