शिकायत आने पर संबधित अधिकारी की गोपनीय जांच कराकर कडी कार्यवाही व जेल: जिलाधिकारी

 
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मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी चन्द्र भूषण सिंह की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में चकबन्दी कार्यो की प्रगति के संबंध में बैठक आहुत की गयी। जिसमें जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि जिस ग्राम में चकबन्दी चल रही है तथा वहां के किसान एंव ग्राम प्रधान गांव में चकबन्दी नही चाहतें है वो चकबन्दी कमेटी के माध्यम सें प्रस्ताव पास कराते हुए उस ग्राम को चकबन्दी से मुक्त करा दिया जायें और जिस ग्राम में चकबन्दी चल रही है उनकी शिकायतें सहायक चकबन्दी अधिकारी ग्राम में चौपाल लगाकर शिकायतों का तत्काल निस्तारण करायें यदि किसी भी अधिकारी की लापरवाही बरती गयी तों उसके विरुद्व कडी कार्यवाही की जायेगी। साथ ही जिलाधिकारी महोदय ने यह भी कहा कि 80 प्रतिशत मूल जोत से छेडछाड की तो संबंधित अधिकारी पर कार्यवाही सुनिश्चित है और उन्होने कहा कि विवादित ग्रामों को चिन्हित करतें हुए संबंधित अधिकारी उसी ग्राम में बैठक कर विवादों का निस्तारण करायें। इसी के साथ जिलाधिकारी महोदय ने उपसंचालक चकबन्दी, बंदोबस्त अधिकारी चकबन्दी, चकबन्दी अधिकारी के न्यायालय में लंबित मुकदमों को यथाशीघ्र निस्तारण करायें साथ ही उक्त के स्तर से जिन ग्रामों में चकबन्दी का कार्य पूर्ण नही हुआ है या कार्य जारी है उन्हे भी ग्राम में चौपाल लगाकर निस्तारण करायें। शिकायत आने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही करेंगें। मेरा उदद्ेश्य है कि किसान किसी भी प्रकार से पीडित नही होना चाहिए जब हम शिकायतें सुनते है तो क्यों न हम उसी ग्राम में चौपाल लगाकर अन्य शिकायतों का भी निस्तारण कर सकें। जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि यदि किसी भी अधिकारी/कर्मचारी के संबंध में भ्रष्टाचार या अवैध वसूली की शिकायत प्राप्त होती है तो वह मेरे कार्यालय में व्यक्तिगत रुप से मिल सकता है मै उसकी गोपनीय जांच कराकर संबंधित अधिकारी पर अभियोग दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्यवाही की जायेगी। इस लिये हम चाहते है कि चकबन्दी से संबधित अधिकारी अपनी कार्यशैली मे परिवर्तन लाये ओर हम आपसे यही उम्मीद करते है अब आप लोग कार्य को प्रगति से करेगें। बैठक में अपर जिलाधिकारी वि./रा. , प्रशासन, समस्त उपजिलाधिकारी, उपसंचालक चकबन्दी, बंदोबस्त अधिकारी चकबन्दी, चकबन्दी अधिकारी/सहायक चकबन्दी अधिकारी एवं ग्राम प्रधान एवं ग्रामीण उपस्थित रहें।

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