बंदर के काटने से महिला की दर्दनाक मौत, सरकारी अस्पताल में नहीं मिल पाया रेबीज का इंजेक्शन 

 
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मोरना। थाना क्षेत्र के गांव फिरोजपुर खादर में बंदरों के काटने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। बंदर के काटने के बाद महिला को सरकारी अस्पताल में रेबीज का इंजेक्शन नहीं मिल पाया। इलाज न मिल पाने के कारण हालत लगातार खराब हो रही थी। देर रात बेगराजपुर मैडिकल कालेज में महिला ने दम तोड दिया।

उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य प्रणाली लगातार दम तोड़ रही है। कोरोना जैसी भयंकर बीमारी से जूझ रहे देश मे स्वास्थ्य प्रणाली में किसी प्रकार का सुधार देखने को नहीं मिल रहा है, इसकी बानगी उस समय देखने को मिली, जब एक महिला ने इलाज के अभाव में तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। भोपा थाना क्षेत्र के गांव फिरोजपुर खादर की गायत्री धाम कॉलोनी निवासी शिमला पत्नी सोमपाल बीते 28 अगस्त को अपने घर में काम कर रही थी, तभी एक बंदरों के झुंड ने महिला पर हमला बोल दिया और उसे कई जगह से बुरी तरह काट लिया। महिला का शोर सुन कर आए पड़ोस के लोगों ने किसी तरह बंदरों को भगाकर महिला को उनके चंगुल से छुड़ाया। मगर तब तक महिला गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। सूचना पर पहुंचे परिजन महिला को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोरना पर पहुंचे, परंतु वहां महिला को रेबीज का इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो पाया, तब चिकित्सकों ने किसी प्राइवेट चिकित्सक से संपर्क किया और महिला का उपचार कराया, परंतु महिला की हालत  बिगड़ती चली गई।
रविवार देर रात महिला की हालत ज्यादा खराब होने पर परिजन उसे मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत से परिजनों में हाहाकार मच गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों को पकड़वाने व रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की है।

गांव में दर्जनों लोग बंदर के काटने से घायल: फिरोजपुर खादर में बंदरों का आतंक इस कदर सिर चढ़कर बोल रहा है कि गांव के लगभग एक दर्जन लोग इनके काटने से घायल हो चुके हैं। ग्राम प्रधान पति राजकुमार ने बताया कि फिरोजपुर खादर के विधान, प्रेमो, शिवानी, वंशिका आदि लोग बंदरों के हमले से घायल हुए हैं। ग्राम वासियों ने बंदरों को पकड़वाने की मांग की है।

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