डॉ प्रियंवदा तोमर ने बीजेपी व महिला आयोग से दिया इस्तीफा और चौधरी अजित सिंह व जयंत से की मुलाकात

 

शामली। उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार द्वारा जिस प्रकार से जनता के हितों में दावे किए गए थे उन दावों की अब बीजेपी पार्टी की ही एक महिला सदस्य ने पोल खोल कर रख दी है। वहीं बीजेपी पार्टी में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य के पद पर तैनात डॉ प्रियंवदा तोमर ने अपनी ही पार्टी पर आरोप लगाते हुए बीजेपी पार्टी से त्याग पत्र दे दिया है। वही तोमर ने यह त्याग पत्र बीजेपी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के नाम भेजा है। वही त्यागपत्र देने की वजह बीजेपी पार्टी के दावे और किसानों के हित में किसी भी प्रकार का निर्णय न लेने का कारण सामने आया है। तोमर द्वारा बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए त्यागपत्र देने के बाद बीजेपी पार्टी के कुछ सदस्यों द्वारा प्रियंवदा तोमर को बधाई संदेश भी भेजे गए हैं। इससे तो यही लगता है कि बीजेपी पार्टी में ऐसे बहुत से चेहरे अभी भी बाकी है जो बीजेपी सरकारी की कार्यशैली से खुश नहीं है। आपको बता दें कि वर्ष 2013 से बीजेपी पार्टी का दामन थाम चुकी डॉ प्रियंवदा तोमर अब बीजेपी पार्टी से त्यागपत्र दे चुकी है। वहीं डॉ तोमर ने यह त्यागपत्र बीजेपी सरकार में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के नाम लिखा है। वही राज्य  महिला आयोग की सदस्य ने बीजेपी पार्टी से त्याग पत्र देने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। प्रियंवदा तोमर काफी लंबे समय से महिला आयोग सदस्य भी रह चुकी हैं। उन्होंने महिला आयोग सदस्य के पद पर रहते हुए महिलाओं के सम्मान को बचाने की काफी कोशिश की लेकिन कहीं ना कहीं बीजेपी सरकार उन मुद्दों पर भी खरी नहीं उतर पाई। जिसका जिक्र खुद प्रियंवदा तोमर ने अपने त्यागपत्र में किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह को भेजे इस्तीफे में उन्होने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है और महिलाओं के उत्पीड़न की घटनाओं में कोई कमी नहीं आयी है। इसके साथ ही अन्नदाता किसानो के प्रति भी भाजपा का रवैया संवेदनहीन है। प्रियंवदा ने कहा कि भाजपा सरकार कृषि कानून के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानो के प्रति संवेदनहीनता का रवैया अख्तियार किये हुये है। किसान पिछले 131 दिनो से आंदोलनरत है। इस दौरान 500 से ज्यादा किसानो की मौत हो चुकी है। चूंकि वह खुद भी किसान परिवार से ताल्लुक रखती है,लिहाजा सरकार के रवैये से बहुत नाखुश है। उन्होने कहा कि प्रदेश में महिला उत्पीड़न की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। महिला आयोग की सदस्य होने के बावजूद वह महिलाओं को न्याय दिलाने में असमर्थ हैं। भाजपा के भीतर भी महिलाओं की उपेक्षा की जाती है। राज्य में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। तोमर ने कहा “ मैं क्षुब्ध होकर पार्टी की सदस्यता और सभी पदों से त्यागपत्र दे रही हूं। इसी के साथ नैतिकता के आधार पर राज्य महिला आयोग के सदस्य पद से भी इस्तीफा देती हूं।” डॉ तोमर ने बीजेपी पार्टी पर आरोप लगाते हुए त्याग पत्र में लिखा है कि मैं एक किसान परिवार से आती हूं। पिछले 131 दिनों से किसान आंदोलन कार्यरत है और इस आंदोलन में 300 से ज्यादा किसान शहीद हो चुके हैं। देश के अन्नदाता के प्रति भारतीय जनता पार्टी एवं सरकार की संवेदनहीनता से मैं बहुत आहत हूं। आज भ्रष्टाचार चरम पर है। मैं महिला आयोग की सदस्य होते हुए भी महिलाओं को न्याय दिलाने में असमर्थ हूं साथ ही भारतीय जनता पार्टी में योग्य महिलाओं की उपेक्षा से घोर निराशाजनक स्थिति है। उपरोक्त परिस्थितियों से अक्षुब्ध होकर मैं भारतीय जनता पार्टी की प्रथम सदस्यता एवं सभी दायित्व से त्याग पत्र दे रही हूं। इसी के साथ नैतिकता के आधार पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुझे दिए गए राज्य महिला आयोग सदस्य के पद से भी त्यागपत्र देती हूं। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी द्वारा किसानों के आंदोलन पर किसी भी प्रकार की संवेदना व्यक्त नहीं की गई है। इतना ही नहीं लगभग 300 किसानों के शहीद होने पर भी बीजेपी के किसी भी बड़े नेता का कोई बयान नहीं आया है। वही उत्तर प्रदेश में महिलाओं के प्रति आयेदिन घटनाएं बढ़ रही हैं। महिलाओं के साथ इस प्रकार की घटना बढ़ रही है कि आज मै खुद महिला आयोग का सदस्य रहते हुए भी उनकी सहायता नहीं कर पा रही हूँ इसलिए मैं अब महिला आयोग सदस्य से भी त्यागपत्र दे रही हूं। बाद में श्रीमती तोमर ने रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह से मुलाकात की । इससे उनके रालोद में जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। डॉ. प्रियंवदा तोमर ने बुधवार को रालोद अध्यक्ष अजित सिंह और जयंत चौधरी से मुलाकात की। भाजपा छोड़ने के बाद उनकी यह मुलाकात चर्चाओं में है। रालोद मुखिया से मुलाकात पर उन्होंने कहा कि चौधरी अजित सिंह से उनके पारिवारिक रिश्ते हैं इसलिए वह उनसे मिलने गईं थीं। रालोद में शामिल होने जैसी कोई बात नहीं है।

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