चुनाव आयोग ने पर्यवेक्षकों को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी, सुरक्षित चुनाव कराने का दिया निर्देश

 
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नयी दिल्ली - चुनाव आयोग ने शुक्रवार को देश के पांच चुनावी राज्यों में तैनात किए गए पर्यवेक्षकों के साथ बैठक की और स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी तथा सुरक्षित चुनाव सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
चुनाव आयोग की ओर से जारी बयान में बताया गया कि इस बैठक में 1,400 से ज्यादा अधिकारी शामिल हुए, जिनमें से 140 शारीरिक तौर पर यहां स्थित विज्ञान भवन में उपस्थित हुए तथा बाकी अन्य आभासी तरीके से शामिल हुए। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सुशील चंद्रा ने आयोग के अफसरों, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों को चुनाव ड्यूटी के दौरान उनकी जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी। साथ ही निर्देश दिया कि पांचों राज्यों में निष्पक्ष चुनाव कराना सुनिश्चित करें।
बैठक के बाद चुनाव आयोग की ओर से बताया गया कि आयोग ने आज गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों के लिए तैनात किए गए पर्यवेक्षकों के साथ एक ब्रीफिंग का आयोजन किया। इस मीटिंग में 1,400 से ज्यादा अधिकारी शामिल हुए।
चुनाव आयोग ने बताया कि आईएएस, आईपीएस, आईआरएस और दूसरी सर्विस से लिए गए अधिकारियों को जनरल, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया जाता है। पर्यवेक्षकों को संबोधित करते हुए, मुख्य चुनाव आयुक्त चंद्रा ने कहा कि पर्यवेक्षक, चुनाव के दौरान, आयोग की आंख और कान हैं और उन्हें स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मुद्दों पर पूरी तरह से नियंत्रण रखना चाहिए।
उन्होंने पर्यवेक्षकों को सभी चुनावी प्रक्रियाओं से अपडेट रहने की सलाह दी, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों, विशेष रूप से विकलांग मतदाताओं और कोविड -19 के संदिग्धों या प्रभावित व्यक्तियों की श्रेणी में अनुपस्थित मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलेट सुविधा मुहैया कराना शामिल है।
उन्होंने पर्यवेक्षकों को आदर्श आचार संहिता और चुनाव आयोग के अन्य दिशानिर्देशों में किसी भी चूक न हो इसको लेकर सतर्क रहने को कहा। उन्होंने पर्यवेक्षकों से वरिष्ठ नागरिकों, विकलांग व्यक्तियों और महिला मतदाताओं की सुविधा के लिए मुहैया कराई जाने वाली सुविधाओं की की जांच के लिए अधिक से अधिक मतदान केंद्रों का दौरा करने को कहा।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हो चुका है। इन राज्यों में 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच मतदान होना है। गोवा, पंजाब और उत्तराखंड में एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे। वहीं मणिपुर में दो चरण में वोटिंग होगी, जबकि उत्तर प्रदेश में सात चरणों में मतदान होगा। पांचों राज्यों में मतगणना एक साथ 10 मार्च को होगी।

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