कोरोना के खिलाफ तैयार स्वास्थ्य सुविधाएं देश के सामर्थ्य का प्रतीक : प्रधानमंत्री मोदी

 
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ऋषिकेश/नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए इतने कम समय में भारत द्वारा विकसित की गई स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार इसकी क्षमताओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह भारत की संकल्पशक्ति, सेवाभाव और एकजुटता का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को उत्तराखंड के एम्स ऋषिकेश में आयोजित कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों में पीएम केयर्स के तहत स्थापित 35 प्रेशर स्विंग ऐड्सॉर्प्शन (पीएसए) ऑक्सीजन प्लांट राष्ट्र को समर्पित करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। इससे देश के सभी जिलों में अब पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र चालू हो जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने आज से नवरात्रि के पवित्र त्योहार की शुरुआत का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दिन यहां आकर इस धरती को नमन करने से बड़ा आशीर्वाद जीवन में और क्या हो सकता है। उन्होंने राज्य को ओलंपिक और पैरालंपिक में शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड की भूमि के साथ उनका संबंध न केवल दिल का बल्कि कर्म का भी है।
मोदी ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि जिस धरती से योग और आयुर्वेद जैसी जीवनदायिनी शक्तियों को बल मिला, उसी धरती से आज ऑक्सीजन के प्लांट समर्पित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते कुछ दिनों में पीएम केयर्स द्वारा स्वीकृत 1,150 से अधिक ऑक्सीजन प्लांट्स काम करना शुरू कर चुके हैं। अब देश का हर जिला पीएम केयर्स के तहत बने हुए ऑक्सीजन प्लांट से कवर हो चुका है। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में भारत द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाएं देश की क्षमता को दर्शाती हैं। एक टेस्टिंग लैब से लेकर 3 हजार टेस्टिंग लैब के नेटवर्क की स्थापना और मास्क और किट के आयात से लेकर इसके निर्माण तक भारत एक निर्यातक के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि देश के दूर-दराज वाले इलाकों में भी नए वेंटिलेटर्स की सुविधाएं उपलब्ध हो गई हैं। मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन का तेजी से और बड़ी मात्रा में निर्माण और दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे तेज टीकाकरण अभियान भारत की क्षमताओं का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सामान्य दिनों में भारत एक दिन में 900 मीट्रिक टन, लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन करता था। मांग बढ़ते ही भारत ने मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन 10 गुना से भी ज्यादा बढ़ाया। ये दुनिया के किसी भी देश के लिए अकल्पनीय लक्ष्य था, लेकिन भारत ने इसे हासिल करके दिखाया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये हर भारतवासी के लिए गर्व की बात है कि कोरोना वैक्सीन की 93 करोड़ डोज लगाई जा चुकी है। बहुत जल्द हम 100 करोड़ के आंकड़े को पार कर जाएंगे। भारत ने कोविन प्लेटफॉर्म का निर्माण करके पूरी दुनिया को रास्ता दिखाया कि इतने बड़े पैमाने पर टीकाकरण कैसे किया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र के प्रयासों से भारत में पीएम केयर्स के तहत 4 हजार नए ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित होंगे। हमारा देश और यहां के अस्पताल अब काफी सक्षम हो गए हैं।
पूर्व सरकारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अब सरकार इस बात का इंतजार नहीं करती कि अपनी समस्याएं लेकर उसके पास आएं और फिर कोई कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि सरकार की मानसिकता और व्यवस्था से इस भ्रांति को दूर किया जा रहा है। अब सरकार नागरिकों के पास जाती है।
उन्होंने कहा कि सात साल पहले तक सिर्फ कुछ राज्यों तक ही एम्स की सुविधा थी आज हर राज्य तक एम्स पहुंचाने के लिए काम हो रहा है। 6 एम्स से आगे बढ़कर 22 एम्स का सशक्त नेटवर्क बनाने की तरफ हम तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। सरकार का ये भी लक्ष्य है कि देश के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज जरूर हो।
उन्होंने कहा कि चारधाम को जोड़ने वाली ऑल वेदर रोड पर तेज़ी से काम चल रहा है। चारधाम परियोजना देश और दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बहुत बड़ी सुविधा तो बना ही रही है साथ ही गढ़वाल और कुमाऊं के चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों को भी आपस में जोड़ रही है।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के निर्माण का सपना अटल जी ने पूरा किया था। अटल जी मानते थे कनेक्टिविटी का सीधा कनेक्शन विकास से है। उन्हीं की प्रेरणा से आज देश में कनेक्टिविटी के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अभूतपूर्व स्पीड और स्केल पर काम हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने प्रथम नवरात्रि पर उत्तराखंड यात्रा को सौभाग्य बताते हुए कहा कि आज के दिन यहां आकर इस मिट्टी को प्रणाम करने से बड़ा जीवन में धन्य भाव है। उन्होंने कहा कि आज के ही दिन 20 साल पहले मुझे जनता की सेवा का एक नया दायित्व मिला था। लोगों के बीच रहकर, लोगों की सेवा करने की मेरी यात्रा तो कई दशक पहले से चल रही थी, लेकिन आज से 20 वर्ष पूर्व, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मुझे नई जिम्मेदारी मिली थी।
उन्होंने कहा कि 2019 में जल जीवन मिशन शुरू होने से पहले उत्तराखंड के सिर्फ एक लाख 30 हजार घरों में ही नल से जल पहुंचता था। आज उत्तराखंड के 7 लाख 10 हजार से ज्यादा घरों में नल से जल पहुंचने लगा है। यानि सिर्फ दो वर्ष के भीतर राज्य के करीब-करीब 6 लाख घरों को पानी का कनेक्शन मिला है।
प्रधानमंत्री ने फौजी और पूर्व फौजियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने वन रैंक वन पेंशन को लागू करके फौजी भाइयों की 40 साल पुरानी मांग पूरी की है।
कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि देश में 92 करोड़ से अधिक कोरोना रोधी वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी हैं। वहीं उत्तराखंड में 95 प्रतिशत आबादी को पहली खुराक दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में, हम 1,200 करोड़ वैक्सीन की खुराक देकर इतिहास रचने का लक्ष्य बना रहे हैं। इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।

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