विरोधी दलों के बहिष्कार से व्यथित हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, सर्वदलीय बैठक में करेंगे चर्चा

 
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नई दिल्ली। संविधान दिवस पर संसद भवन में आयोजित कार्यक्रम का विरोधी दलों द्वारा बहिष्कार करने से व्यथित लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला सर्वदलीय बैठक में इस पर चर्चा करेंगे।

कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री या सरकार का नहीं बल्कि संसद द्वारा आयोजित किया गया कार्यक्रम था। उन्होंने कहा कि अगर कोई मुद्दा था तो सार्वजनकि बयानबाजी करने से पहले मुझे बताना चाहिए था तो रास्ता जरूर निकाला जाता। उन्होंने कहा कि वो विरोधी दलों के इस व्यवहार से व्यथित है और 29 नवंबर को सर्वदलीय बैठक में सभी दलों से इस पर चर्चा करेंगे।

कार्यक्रम में विरोधी नेताओं के लिए बैठने की जगह नहीं होने के विवाद पर मीडिया से बात करते हुए लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि उनका यह कहना कि उनके लिए बैठने की व्यवस्था नहीं थी इसलिए वो नहीं पहुंचे, यह झूठ है। ओम बिरला ने कहा कि मंच पर लोकसभा में नेता विपक्ष अधीर रंजन चौधरी और राज्य सभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बैठने की व्यवस्था थी। दो दिन पहले संसदीय कार्य मंत्री ने उनसे आग्रह किया था और आज सुबह मेरे कार्यालय ने भी उनसे बात की थी। उनकी तरफ से आने के लिए इनकार कर देने के बाद ही इनके लिए रखी गई कुर्सियों को हटाया गया था।

मीडिया से बात करते हुए हुए लोक सभा अध्यक्ष ने सभी दलों के नेताओं से अच्छी परंपरा को बनाए रखने का आग्रह करते हुए कहा कि संसद के कार्यक्रमों का बहिष्कार करना उचित नहीं है।

आपको बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से शुरू होने जा रहा है और सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ने 29 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इससे पहले सरकार की तरफ से भी 28 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है।

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