पिछले 3 वर्षो में स्थानीय विक्रेताओं के साथ 102 अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए : एमओडी

 
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नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने पिछले तीन वर्षों में विमान, मिसाइल, टैंक, बुलेट प्रूफ जैकेट, बंदूकें, नौसेना के जहाजों, रडार, नेटवर्क और अन्य रक्षा उपकरणों की पूंजीगत खरीद के लिए स्थानीय विक्रेताओं के साथ 102 अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह जानकारी सोमवार को संसद को दी गई। भाजपा के राज्यसभा सांसद संभाजी छत्रपति को एक लिखित उत्तर में, रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने कहा कि 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के अनुरूप, कुल आवंटन में से घरेलू पूंजी खरीद के लिए 71,438.36 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है। पूंजी अधिग्रहण के लिए 1,11,463.21 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। रक्षा उपकरणों की पूंजीगत खरीद विभिन्न घरेलू और साथ ही विदेशी विक्रेताओं से मिलने वाली परिचालन चुनौतियों से निपटने के लिए सशस्त्र बलों को तैयार रखने के लिए की जाती है।

मंत्री ने कहा कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों यानी 2018-19 से 2020-21 के दौरान, भारतीय विक्रेताओं के साथ विमान, मिसाइल, टैंक, बुलेट प्रूफ जैकेट, बंदूकें, नौसेना के जहाजों, रडार, नेटवर्क आदि जैसे रक्षा उपकरणों की पूंजीगत खरीद के लिए 102 अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के हिस्से के रूप में रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए, दो सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची जारी की गई हैं। पहली सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची अगस्त 2020 में जारी की गई थी, जिसमें 101 आइटम शामिल थे, और दूसरी मई 2021 में, जिसमें 108 आइटम शामिल थे। सूचियों का इरादा दिसंबर 2025 तक प्रतिबंध को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का है।

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