पटना की बैठक पर बोली स्मृति ईरानी – ‘अनहोली अलायंस’ के साथ अनहोनी तय..
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पटना में हुई विपक्षी दलों की बैठक को स्वार्थ का गठबंधन करार देते हुए कहा कि इस बैठक का निशाना मोदी नहीं, बल्कि भारत की तिजोरी है। उन्होंने कहा कि इन दलों के निशाने पर हिंदुस्तान है और जब भी ये राजनीतिक दल साथ आएं हैं तो अपने साथ […]
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पटना में हुई विपक्षी दलों की बैठक को स्वार्थ का गठबंधन करार देते हुए कहा कि इस बैठक का निशाना मोदी नहीं, बल्कि भारत की तिजोरी है। उन्होंने कहा कि इन दलों के निशाने पर हिंदुस्तान है और जब भी ये राजनीतिक दल साथ आएं हैं तो अपने साथ भ्रष्टाचार और परिवारवाद लाए हैं। राष्ट्र की आर्थिक प्रगति को संकुचित करने का अपने संग आरोप लेकर आए।
उन्होंने कहा कि एक-दूसरे को फूटी आंख तक नहीं सुहाने वाले दल भारत को आर्थिक प्रगति से वंचित करने के संकल्प के साथ इकट्ठे हुए हैं। स्वार्थ का यह गठबंधन बहुमुखी है और अलग-अलग शैली में संवाद करता है।
आम आदमी पार्टी के रुख पर तंज कसते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि आम आदमी पार्टी का गठबंधन की शुरूआत में ही पॉलिटिकल ब्लैकमेलिंग करना, इस बात का संकेत है कि इस ‘अनहोली अलायंस’ के साथ क्या अनहोनी होने वाली है।
ये भी पढ़ें घुसपैठियों पर सख्त अमित शाह, कहा, "केदारनाथ से कन्याकुमारी तक, एक-एक को चुनकर भारत से बाहर करेंगे'महबूबा मुफ्ती द्वारा कश्मीर को लेकर की गई मांग के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए ईरानी ने कहा कि इस बात का जवाब सोनिया गांधी को देना चाहिए, उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या सोनिया गांधी या उनका परिवार पुन: भारत का विभाजन चाहता है ?
स्मृति ईरानी ने कहा कि अगर ममता बनर्जी में थोड़ा भी स्वाभिमान बचा होगा तो वह कम्युनिस्ट पार्टी के साथ कभी भी समझौता नहीं करेंगी। अगर वह समझौता करेंगी तो इसका मतलब होगा कि उनका राजनीतिक स्वार्थ, उनके व्यक्तिगत स्वाभिमान से बढ़कर है। उन्होंने कहा कि जिनका जागरण उत्तर प्रदेश में न हुआ हो, वो बिहार में जाकर नवजागरण की बात करें, यह हास्यास्पद है।
स्मृति ईरानी ने तृणमूल कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी के आपसी संबंध, तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी के आपसी संबंध, राहुल गांधी को लेकर दिए गए ममता बनर्जी के बयान, सोनिया गांधी को लेकर दिए गए शरद पवार के बयान, कांग्रेस द्वारा डीएमके पर राजीव गांधी की हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने के लगाए गए आरोप, ममता बनर्जी द्वारा लालू यादव के खिलाफ लाए गए श्वेतपत्र समेत कई वाक्यों, घटनाओं और बयानों का जिक्र करते हुए यह साबित करने का भी प्रयास किया कि पटना में बैठक करने वाले दलों के बीच आपस में कितना टकराव और अंतर्विरोध है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां