शामली में भीम आर्मी चीफ पर जानलेवा हमले से आजाद समाज पार्टी में रोष, जेड श्रेणी की सुरक्षा दिलवाए जाने की मांग
शामली। भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद पर देवबंद में हुए जानलेवा हमले को लेकर आजाद समाज पार्टी में रोष है। जिसके चलते आजाद समाज पार्टी के दर्जनों पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर हमलावरों की गिरफ्तारी व भीम आर्मी चीफ को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान कराए जाने की मांग की है। दरअसल आपको बता […]
शामली। भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद पर देवबंद में हुए जानलेवा हमले को लेकर आजाद समाज पार्टी में रोष है। जिसके चलते आजाद समाज पार्टी के दर्जनों पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर हमलावरों की गिरफ्तारी व भीम आर्मी चीफ को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान कराए जाने की मांग की है।
दरअसल आपको बता दें कि शुक्रवार को आजाद समाज पार्टी के दर्जनों पदाधिकारी और कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। जहां उन्होंने सहारनपुर जनपद के कस्बा देवबंद में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद की कार पर अज्ञात कार सवार बदमाशों द्वारा की गई ताबड़तोड़ फायरिंग व जानलेवा हमला किए जाने के संबंध में विरोध करते हुए धरना प्रदर्शन किया। जिसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल के नाम डीएम को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद कों जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान कराए जाने व उक्त घटना को अंजाम देने वाले हमलावरों को शीघ्र गिरफ्तारी किए जाने की मांग की है।
ये भी पढ़ें शामली के थानाभवन में सैयद मुनावरी बेगम की राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में नियुक्ति पर हर्ष का माहौल
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां