शामली में गन्ना बकाया भुगतान को लेकर रालोद कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
शामली। शामली में रालोद विधायकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे, दर्जनों कार्यकर्ताओं ने गन्ना बकाया भुगतान की मांग को लेकर जमकर हंगामा प्रदर्शन किया। जिसके उपरांत उन्होंने सीएम के नाम एडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें तत्काल प्रभाव से किसानों का बकाया भुगतान शुगर मिलों से कराए जाने की मांग की गई। जहा किसान हित से […]
शामली। शामली में रालोद विधायकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे, दर्जनों कार्यकर्ताओं ने गन्ना बकाया भुगतान की मांग को लेकर जमकर हंगामा प्रदर्शन किया। जिसके उपरांत उन्होंने सीएम के नाम एडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें तत्काल प्रभाव से किसानों का बकाया भुगतान शुगर मिलों से कराए जाने की मांग की गई। जहा किसान हित से जुड़ी अन्य मांगों को भी रखा गया है।
आपको बता दें कि राष्ट्रीय लोकदल के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर रालोद के विधायकों सहित दर्जनों पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर गन्ना बकाया भुगतान कराए जाने सहित एक पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम अपर जिलाधिकारी को सौंपा। जिसमें रालोद नेताओं के द्वारा मुख्य रूप से मांग की गई है कि जनपद की तीनों शुगर मिलों से किसानों का करोड़ों रुपए का बकाया भुगतान शीघ्र से शीघ्र दिलवाया जाए। क्योंकि भुगतान न मिलने के कारण किसान की स्थिति अत्याधिक दयनीय हो चुकी है।
जहां किसानों को अपने दैनिक खर्चों को चलाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। लेकिन अथक प्रयासों के बावजूद भी किसानों को उनका बकाया भुगतान नहीं पा रहा है। और इस सत्र का भी केवल नवंबर माह तक का ही भुगतान हुआ है। और जिले की सभी तीनों शुगर मिलों पर किसानों का करोड़ों रुपए का गन्ना भुगतान बाकी है। जिसके बाद राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं द्वारा मांग की गई है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत वोल्टेज कम आने के कारण नलकूप एवं घरों में प्रयोग किए जाने वाले विद्युत उपकरण नहीं चल रहे हैं।
समस्त अतिभारित ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि कराई जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत की कटौती बंद कर 24 घंटे विद्युत बिजली की व्यवस्था कराई जाए और किसानों को सिंचाई हेतु मुफ्त बिजली दी जाए। रालोद नेताओं का साफ तौर पर कहना है कि अगर शीघ्र ही गन्ना भुगतान सहित इन सभी मांगों को पुरा ना किया गया तो वें सड़कों पर उतर कर अपनी लड़ाई लड़ेंगे और अपना हक लेकर रहेंगे।
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