अयोध्या से गिरफ्तार किया गया सिख दंगे का एक और आरोपित, हनुमान गढ़ी में बाबा बनकर रह रहा था

 
अरेस्ट
कानपुर। सिख विरोधी दंगे की जांच कर रही एसआईटी टीम ने सोमवार को अयोध्या के हनुमान गढ़ी में बाबा बनकर रह रहे एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। टीम उसे सर्विलांस की मदद से पकड़ने में कामयाब हुई। आरोपित के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया। इस तरह अब तक कुल 36 आरोपित जेल भेजे जा चुके।

एसआईटी प्रभारी बालेंदु भूषण ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित ओमकार नाथ शुक्ला अपने पैत्रिक निवास अयोध्या के हनुमान गढ़ी में बाबा का वेश धारण करके गांव में छिपा हुआ था। कानपुर 1984 सिख विरोधी दंगे के दौरान गोविन्द नगर में दो परिवार के पांच सिखों की हत्याकांड में शामिल था। जिसे कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। दंगे की जांच शुरू होते ही अयोध्या में जाकर बाबा बन गया।

गौरतलब है कि गोविंद नगर लेबर कॉलोनी में सरदार भगत सिंह और दूसरे परिवार के जोगेंदर सिंह, शीला रानी, दलजीत सिंह और सतनाम सिंह की सिख दंगे के दौरान नृशंस हत्या हुई थी। दोनों परिवारों के पांच लोगों के जघन्य हत्याकांड में ओमकार नाथ शुक्ला भी शामिल था। ओमकार भी गोविंद नगर लेबर कॉलोनी ही में रहता था और मूल रूप से कोडरा थाना मवई जनपद अयोध्या का रहने वाला था। एसआईटी ने सिख दंगे के आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू की तो 76 साल का शातिर ओमकार ने अपना वेश बदल लिया। इसके बाद बाबा बनकर रमेश दास जी का आसन हनुमान गढ़ी अयोध्या में रहने लगा। सर्विलांस की मदद से एसआईटी ने ओमकार को अयोध्या से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सोमवार को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

सिख दंगे के अब तक 36 आरोपित भेजे गए जेल

एसआईटी प्रमुख ने बताया कि सिख दंगे के अब तक 36 आरोपित गिरफ्तार करके जेल भेजे जा चुके हैं। कानपुर, अयोध्या, बांदा, हमीरपुर से लेकर कई जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी करके यह गिरफ्तारी की गई है। सिख दंगे के सभी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही बाकी अन्य आरोपितों को भी जेल भेजा जाएगा।

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